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सीहोर: पं. प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में निकली ऐतिहासिक कांवड़! बारिश में भी 11 किमी तक उमड़ा भगवा सैलाब

सावन के अंतिम चरण और प्रदोष के पावन संयोग पर मंगलवार को आस्था का विराट दृश्य देखने को मिला। सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा पं. प्रदीप मिश्रा की की अगुवाई में शुरू हुई।
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पं. प्रदीप मिश्रा संग सीवन से कुबेरेश्वर धाम तक निकली कांवड़ यात्रा

सीहोर। सावन के पावन महीने में प्रदोष के विशेष अवसर पर मंगलवार को धर्मनगरी सीहोर ने शिवभक्ति की ऐसी विराट तस्वीर देखी, जिसने हर किसी को भावविभोर कर दिया। सुबह सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम के लिए ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा का आगाज हुआ। आसमान से बारिश की बूंदें बरस रही थीं और जमीन पर भगवा वस्त्रों में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ रहा था। कंधों पर कांवड़ और जुबां पर महादेव का नाम लिए श्रद्धालु करीब 11 किलोमीटर के सफर पर निकल पड़े।

पवित्र जल लेकर महादेव के दरबार की ओर बढ़े भक्त

सीवन नदी के तट पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र जल कांवड़ में भरा। इसके बाद कुबेरेश्वरधाम में भगवान कुबेरेश्वर महादेव के अभिषेक का संकल्प लेकर यात्रा शुरू की। जैसे ही कांवड़ियों का जत्था आगे बढ़ा, पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और शिवभक्ति के जयघोष से गूंज उठा। बारिश ने यात्रा की गति को चुनौती जरूर दी, लेकिन भक्तों की श्रद्धा के सामने मौसम भी बेबस नजर आया।

पं. प्रदीप मिश्रा ने खुद उठाई कांवड़, बढ़ा भक्तों का उत्साह

यात्रा का सबसे भावुक और आकर्षक दृश्य उस समय सामने आया, जब कुबेरेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. प्रदीप मिश्रा स्वयं कांवड़ लेकर श्रद्धालुओं के साथ चल पड़े। सीवन नदी से जल लेकर उन्होंने कांवड़ यात्रा में सहभागिता की। उन्हें अपने बीच कांवड़ लेकर चलते देख श्रद्धालुओं में उत्साह और बढ़ गया। हजारों भक्त उनके साथ कदम से कदम मिलाकर महादेव का नाम जपते हुए कुबेरेश्वरधाम की ओर बढ़ते रहे।

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बारिश की हर बूंद बनी आस्था का अभिषेक

यात्रा शुरू होने के साथ ही बारिश ने जोर पकड़ लिया। सड़कें भीग गईं, कपड़े तर हो गए और रास्ते में पानी जमा होने लगा लेकिन कांवड़ियों के कदम नहीं रुके। कोई सिर पर गमछा रखे था तो कोई बारिश में भी कांवड़ को संभालते हुए आगे बढ़ रहा था। चेहरे पर थकान से ज्यादा महादेव के दर्शन की लालसा थी। बारिश की बूंदों और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष ने ऐसा दृश्य बनाया, मानो प्रकृति भी शिवभक्तों की इस यात्रा का अभिषेक कर रही हो।

कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, भगवा रंग में रंगा सीहोर

कांवड़ यात्रा में मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों से आए भक्तों की मंजिल एक थी-कुबेरेश्वरधाम और भगवान महादेव का अभिषेक। श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी से सीहोर की सड़कें भगवा ध्वजों, कांवड़ों और शिवभक्तों से पट गईं। शहर का वातावरण किसी बड़े तीर्थक्षेत्र की तरह नजर आया।

सीवन घाट पर भीड़, पुल पर जल भरने की विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सीवन नदी घाट पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की। कांवड़ियों के लिए पुल पर नलों के माध्यम से पवित्र जल भरने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे श्रद्धालुओं को अधिक भीड़ और अव्यवस्था से बचाते हुए कांवड़ में जल भरने की सुविधा मिली। आधा किलोमीटर के क्षेत्र में पाइपलाइन के माध्यम से 600 से अधिक नल लगाए गए थे।

आठ झांकियों और भजनों ने बढ़ाया भक्ति का रंग

कांवड़ यात्रा में आठ भव्य झांकियां भी शामिल रहीं। झांकियों के साथ चल रहे भजन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। रास्तेभर शिवभक्ति के गीतों और जयघोष के बीच कांवड़िये आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और सेवा कार्यों के माध्यम से यात्रा में अपना योगदान दिया।

100 से अधिक सेवा स्टॉल पर श्रद्धालुओं की सेवा

करीब 11 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए। इन स्थानों पर ठंडा पानी, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को रास्तेभर सेवा और सहयोग मिलता रहा। कई स्थानों पर प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई और आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस तैनात रहीं।

सुरक्षा के लिए 1200 पुलिसकर्मी संभालते रहे मोर्चा

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। करीब 1200 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया। इनमें 400 स्थानीय पुलिसकर्मी और 800 जवान अन्य जिलों से बुलाए गए थे। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और कांवड़ मार्ग की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखी गई।

इंदौर-भोपाल हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्जन

कांवड़ यात्रा के चलते इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहा। अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई, ताकि यात्रा मार्ग पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।

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11 किलोमीटर का सफर, महादेव के चरणों में अर्पित होगा जल

सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक का 11 किलोमीटर का यह सफर श्रद्धालुओं के लिए केवल पैदल यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प और समर्पण की यात्रा है। कंधों पर कांवड़, आंखों में बाबा के दर्शन की लालसा और होंठों पर भोलेनाथ का नाम लिए हजारों श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर श्रद्धालु सीवन नदी के पवित्र जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक करेंगे।

EDIT BY: ADITI RWAT

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत्रि...Read More

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