सीहोर : मेहरबान हुआ मानसून, झमाझम बारिश से किसानों को राहत, श्यामपुर में सर्वाधिक 36 एमएम बारिश
सीहोर। लंबे इंतजार के बाद मानसून ने एक बार फिर सीहोर जिले में जोरदार दस्तक दी है। मंगलवार सुबह से जिले के अधिकांश हिस्सों में रिमझिम और तेज बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई और उमस से राहत मिली, वहीं सोयाबीन की सूखती फसल के लिए यह पानी संजीवनी साबित हुआ है। किसानों के चेहरों पर एक बार फिर उम्मीद की मुस्कान लौट आई है।
मंगलवार सुबह से जारी बारिश के कारण मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 11.4 मिमी (0.45 इंच) बारिश हुई। इस दौरान जिले के श्यामपुर तहसील में सबसे अधिक 36.0 मिमी (1.42 इंच) वर्षा दर्ज की गई। वहीं सीहोर शहर में सुबह 11 बजे तक लगभग एक इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बुधनी में 26.0 मिमी (1.02 इंच), रेहटी में 19.4 मिमी (0.76 इंच), सीहोर में 7.0 मिमी (0.28 इंच) तथा नसरुल्लागंज में 3.0 मिमी (0.12 इंच) बारिश हुई। आष्टा, जावर और इछावर में वर्षा दर्ज नहीं की गई।
सीहोर तहसील के किसानों का इंतजार हुआ खत्म
जिले की अन्य तहसीलों की तुलना में सीहोर तहसील में लंबे समय से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण किसान चिंतित थे। खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और सोयाबीन की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। किसान भगवान से अच्छी बारिश की प्रार्थना कर रहे थे। आखिरकार मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ शुरू हुई बारिश ने किसानों की चिंता दूर कर दी और फसलों में नई जान डाल दी। आष्टा क्षेत्र में भी मंगलवार सुबह से झमाझम बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में करीब 0.12 इंच वर्षा दर्ज की गई। पार्वती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कई खेतों में पानी भर गया। जावर, सिद्धिगंज, खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा और बागैर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह से रुक-रुककर अच्छी बारिश होती रही, जिससे जलस्तर बढ़ने के साथ खेतों में पर्याप्त नमी बनी है।
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किसानों ने बताया फसलों के लिए वरदान
किसान राधेश्याम राय, अजय सिंह प्रजापति और चंद्र सिंह मेवाड़ा ने कहा कि रिमझिम बारिश खरीफ फसलों के लिए सबसे अधिक लाभकारी होती है। उनका कहना है कि तेज बारिश का अधिकांश पानी बह जाता है, जबकि हल्की और लगातार होने वाली वर्षा जमीन में नमी बनाए रखती है तथा भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मददगार होती है। इससे सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। मौसम विशेषज्ञ एस.एस. तोमर के अनुसार जिले में अगले चार दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। इस दौरान रुक-रुककर हल्की से मध्यम व कई जगह जोरदार बारिश होने की संभावना है। मौसम का यह रुख किसानों के लिए बेहद अनुकूल माना जा रहा है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलती रहेगी और जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ेगी।
पिछले साल की अपेक्षा अभी जिले में बारिश का आंकड़ा तीन इंच कम
जिले में मानसून की रफ्तार अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में धीमी बनी हुई है। 21 जुलाई 2026 तक जिले में औसत 374.6 मिमी (14.75 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 449.9 मिमी (17.71 इंच) बारिश हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष अब तक 75.3 मिमी (करीब 2.96 इंच) कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। अब तक की तहसीलवार वर्षा में आष्टा सबसे आगे है, जहां 502.0 मिमी (19.76 इंच) बारिश हो चुकी है। इसके बाद जावर 454.0 मिमी (17.87 इंच), नसरुल्लागंज 392.0 मिमी (15.43 इंच), रेहटी 390.2 मिमी (15.36 इंच), इछावर 378.0 मिमी (14.88 इंच), सीहोर 330.8 मिमी (13.02 इंच), बुधनी 317.5 मिमी (12.50 इंच) तथा श्यामपुर 232.3 मिमी (9.15 इंच) वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक तहसीलवार वर्षा इस प्रकार थी। सीहोर 413.3 मिमी (16.27 इंच), श्यामपुर 405.3 मिमी (15.96 इंच), आष्टा 287.0 मिमी (11.30 इंच), जावर 306.0 मिमी (12.05 इंच), इछावर 381.3 मिमी (15.01 इंच), नसरुल्लागंज 500.0 मिमी (19.69 इंच), बुधनी 674.9 मिमी (26.57 इंच) तथा रेहटी 631.4 मिमी (24.86 इंच) रही थी।














