सीहोर में गुरुवार को आस्था का महाकुंभ-151 मीटर की चुनरी लेकर निकलेंगी हजारों महिलाएं, हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा

सीहोर। नवरात्रि के पावन अवसर पर गुरुवार को सीहोर की धरती मां जगदंबा की भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर होने जा रही है। प्रसिद्ध शक्तिपीठ करौली वाली माता मंदिर से गुरुवार सुबह 10:30 बजे भव्य चुनरी यात्रा निकाली जाएगी। मां के चरणों में 151 मीटर लंबी चुनरी अर्पित करने के इस पावन आयोजन में हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवतियों, युवाओं और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मां के जयकारों, भक्ति गीतों, आकर्षक झांकियों, अखाड़ों और उज्जैन से आने वाले कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच निकलने वाली यह यात्रा शहर में धार्मिक उत्साह का अनूठा वातावरण बनाएगी। यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी प्रस्तावित है, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी।
मां की भक्ति में एकजुट होगी मातृशक्ति
नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास, शक्ति और समर्पण का प्रतीक भी है। इसी आस्था को साकार करती चुनरी यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां सहभागिता करेंगी। हाथों में चुनरी, मन में श्रद्धा और होंठों पर मां के जयकारों के साथ श्रद्धालु माता रानी के प्रति अपनी भक्ति प्रकट करेंगे। यात्रा में दुर्गावाहिनी की बालिकाएं भी शामिल होंगी। भक्तिमय माहौल में आगे बढ़ती यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भावनाओं से जुड़ा विशेष अवसर बनेगी।
151 मीटर की चुनरी होगी मुख्य आकर्षण
इस वर्ष मां करौली वाली को 151 मीटर लंबी भव्य चुनरी अर्पित की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण विशेष महत्व रखेगा, क्योंकि चुनरी अर्पित करना मां के प्रति श्रद्धा, समर्पण और मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। आयोजन में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की भी तैयारी है। आसमान से बरसते फूलों के बीच मां के जयकारों की गूंज यात्रा की भव्यता को और बढ़ाएगी। झांकियों और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
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झांकियां, अखाड़े और उज्जैन के कलाकार बिखेरेंगे छटा
चुनरी यात्रा को आकर्षक स्वरूप देने के लिए विभिन्न झांकियां, अखाड़े और उज्जैन से आने वाले कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी। अखाड़ों के प्रदर्शन और कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करेंगी। यात्रा के मार्ग पर भक्ति गीतों और जयकारों के बीच धार्मिक उत्साह का माहौल बनेगा। शहर के प्रमुख मार्गों पर सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से स्वागत मंच तैयार किए गए हैं, जहां पुष्पवर्षा कर यात्रा में शामिल भक्तों का स्वागत किया जाएगा।
14 वर्षों से जारी है चुनरी यात्रा की परंपरा
नगर पालिका अध्यक्ष एवं हिंद रक्षक युवा समिति के संरक्षक प्रिंस राठौर व चुनरी यात्रा के आयोजक विवेक राठौर ने बताया कि करौली वाली माता मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। चुनरी यात्रा की परंपरा पिछले 14 वर्षों से लगातार जारी है। इस आयोजन में हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु सहभागी बनकर अपनी धार्मिक आस्था प्रकट करते हैं। आयोजन धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी जोड़ता है।
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