सीहोर में छात्राओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, तकनीकी शिक्षा से स्टार्टअप तक का रास्ता दिखाएगी तीन दिवसीय कार्यशाला
सीहोर। तकनीकी शिक्षा केवल डिप्लोमा हासिल करने का माध्यम नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार और अपने सपनों को साकार करने की मजबूत सीढ़ी भी है। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश शासन के सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, सीहोर में सोमवार को तीन दिवसीय तकनीकी, नवाचार, कैरियर एवं उद्यमिता कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में छात्राओं को आधुनिक तकनीकों, कौशल विकास, स्टार्टअप और स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक सुदेश राय ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सर्जना यादव उपस्थित रहीं।
तकनीकी शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता का संकल्प
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद शर्मा ने अतिथियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों और छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें व्यावहारिक दक्षता, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और नई तकनीकों को अपनाने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को अपने ज्ञान का वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग करने और नौकरी के साथ स्वरोजगार के विकल्पों की पहचान करने के लिए प्रेरित करना है।
AI से ड्रोन तकनीक तक खुलेंगे संभावनाओं के नए द्वार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन तकनीक, स्वचालन और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार एवं नवाचार की नई संभावनाएं उभर रही हैं। कार्यशाला में इन आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रोटोटाइप आधारित नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्राओं को बदलते उद्योग जगत की जरूरतों से परिचित कराना और उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करना है।
स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़ेंगी छात्राएं
तीन दिवसीय आयोजन में छात्राओं को स्टार्टअप इकोसिस्टम, उद्यमिता विकास, उद्योग स्थापना और स्वरोजगार से संबंधित अवसरों की जानकारी देने पर जोर है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से छात्राओं को शासकीय योजनाओं, प्रशिक्षण और उद्यम शुरू करने की संभावनाओं को समझने का अवसर मिल रहा है। कार्यशाला का संदेश है कि तकनीकी योग्यता का उपयोग केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहे, बल्कि छात्राएं अपने नए विचारों को उपयोगी उत्पादों और रोजगार देने वाले उद्यमों में बदलने की दिशा में भी आगे बढ़ें।
विधायक सुदेश राय की अध्यक्षता, जिला पंचायत सीईओ रहीं मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में विधायक सुदेश राय ने अध्यक्षता की, जबकि जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अनुराग वर्मा, स्टार सेंटर के प्रतिनिधि क्षितिन, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम की रैंप योजना के संयोजक हरिकांत, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधक संदीप उईके, विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज जैन, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता शर्मा, MIIC प्रमुख अभिनव सिंह और प्रबंधक आयुष श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
भोपाल के श्रमोदय विद्यालय की रसोई में मिलीं खामियां, 9 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भरे उत्साह के रंग
कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में कुमारी योगिता मालवीय ने देवी प्रस्तुति दी। वहीं, समूह ने ‘नमो सेवा गाथा’ विषय पर नाटिका प्रस्तुत कर सेवा, समर्पण और सामाजिक दायित्वों का संदेश दिया। भक्ति गीत और कुमारी दुर्गा की एकल नृत्य प्रस्तुति ने भी उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने तकनीकी आयोजन को उत्साहपूर्ण वातावरण प्रदान किया।
14 अक्टूबर तक चलेंगे प्रशिक्षण और मार्गदर्शन सत्र
महाविद्यालय में 12 से 14 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यशाला में तकनीकी प्रशिक्षण, कैरियर काउंसलिंग, व्यक्तित्व विकास, कौशल संवर्धन, स्टार्टअप और उद्यमिता से संबंधित सत्र आयोजित किए जाएंगे। ड्रोन तकनीक, तकनीकी मॉडल और प्रोटोटाइप आधारित गतिविधियों के जरिए छात्राओं की प्रयोगात्मक क्षमता, रचनात्मकता और समस्या समाधान कौशल को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रथम दिवस के आयोजन का संचालन डॉ प्रदीप एस चौहान ने किया।
सीहोर: पुलिस ने मिशन रिकवरी के तहत 493 गुमशुदा मोबाइल किए बरामद
महिला सशक्तीकरण को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की पहल
कॉलेज प्राचार्य प्रमोद शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला छात्राओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, नए विचार विकसित करने और भविष्य के लिए बेहतर अवसर तलाशने का मंच प्रदान करती है। तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता का मार्गदर्शन युवतियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि शिक्षित, तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर युवतियां अपने परिवार के भविष्य को संवारने के साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।






















