सीहोर में अवैध पटाखा फैक्ट्री का खुलासा, पटाखे और विस्फोटक सामग्री बरामद; रिहायशी इलाके में चल रहा था कारोबार
सीहोर। कार्रवाई रफीक अहमद पिता अब्दुल अजीज के व्यावसायिक परिसर में की गई। जब्त पटाखों की कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। रहवासी क्षेत्र में इस तरह विस्फोटक सामग्री का भंडारण किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुखबिर की सूचना पर प्रशासन का छापा
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन को सूचना मिली थी कि कस्बा क्षेत्र में पीली मस्जिद के नजदीक रफीक अहमद द्वारा बिना वैध अनुमति के आतिशबाजी का कारोबार किया जा रहा है। सूचना में यह भी बताया गया था कि परिसर में बड़ी मात्रा में बम, पटाखे, रॉकेट, अनार सहित अन्य आतिशबाजी सामग्री जमा कर रखी गई है। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। मंगलवार को तहसीलदार डॉ. अमित सिंह, कोतवाली थाना प्रभारी गिरीश कुमार दुबे, नगर पालिका सीएमओ सुधीर कुमार सिंह सहित पुलिस बल और संबंधित विभागों के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
ये भी पढ़ें: बिहार: सीवान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 7 लोगों की मौत
मकान और परिसर की तलाशी, पूरा माल जब्त
संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर परिसर की गहन जांच-पड़ताल की। तलाशी के दौरान वहां बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के पटाखे और आतिशबाजी सामग्री रखी मिली। प्रशासनिक टीम ने बिना वैध लाइसेंस और अनुमति के भंडारित इस सामग्री को जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार जब्त सामग्री की विस्तृत इन्वेंटरी तैयार की जा रही है। जब्त सामग्री को तहसील कार्यालय में सुरक्षित रखवाया गया है, जहां उसका विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।
तीन साल से कारोबार की चर्चा
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति पिछले करीब तीन वर्षों से बम, पटाखे, रॉकेट और अनार सहित अलग-अलग प्रकार की आतिशबाजी सामग्री थोक और फुटकर में बेचने का काम कर रहा था। अगर स्थानीय लोगों की यह जानकारी सही है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतने लंबे समय तक रहवासी क्षेत्र में आतिशबाजी सामग्री का कारोबार कैसे संचालित होता रहा? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी या फिर किसी ने इसकी जांच करना जरूरी नहीं समझा? हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
रिहायशी इलाके में विस्फोटक भंडारण से बड़ा खतरा
घनी आबादी वाले क्षेत्र में पटाखों का अवैध भंडारण सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। पटाखों में आग लगने की स्थिति में आसपास के मकानों, दुकानों और रहवासियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में बिना अनुमति आतिशबाजी सामग्री जमा करने का मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। सवाल यह भी है कि अगर समय रहते सूचना नहीं मिलती और कोई दुर्घटना हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होती?
विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई
तहसीलदार डॉ. अमित सिंह के अनुसार तलैया मोहल्ले में रफीक अहमद के परिसर से अवैध रूप से भंडारित आतिशबाजी सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक तौर पर इसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए आंकी गई है। मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और प्रशासन द्वारा संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ये भी पढ़ें: भोपाल के हलालपुरा पटाखा मार्केट पर प्रशासन सख्त, 15 दुकानदारों को 13 शर्तों का पालन करने का आदेश
कार्बाइड गन बेचने और चलाने पर होगी कार्रवाई
दीपावली पर्व को देखते हुए मंगलवार को सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा एवं एसडीएम तन्मय वर्मा ने स्थानीय बाजार, बीएसआई मैदान स्थित पटाखा दुकानों और अनुभाग की मैगजीन का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानों के लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र, रेत-बाल्टी और पानी की व्यवस्था सहित सुरक्षा मानकों की जांच की। दुकानदारों को सुरक्षित भंडारण और ज्वलनशील पदार्थों से दूरी रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप का निर्माण, बिक्री, भंडारण एवं उपयोग प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।






















