सीहोर में आठ दशक पुरानी गरबा परंपरा को सहेजने वाले गुजराती समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान

सीहोर। कुछ परंपराएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं होतीं, बल्कि वे समाज की आस्था, संस्कारों और पीढ़ियों के बीच अटूट रिश्ते का प्रतीक बन जाती हैं। सीहोर के मंडी क्षेत्र में गुजराती समाज द्वारा निभाई जा रही गरबा परंपरा भी ऐसी ही एक प्रेरणादायी विरासत है। स्वर्गीय श्रीमती शांता बेन डाया भाई पटेल की एक स्वप्न से शुरू हुई धार्मिक पहल आज लगभग आठ दशक बाद भी समाज को एक सूत्र में बांध रही है। इस परंपरा को सहेजने और आगे बढ़ाने वाले गुजराती समाज के वरिष्ठजनों के सम्मान में सकल हिंदू मंच समिति, मंडी के सदस्यों ने रामप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में आत्मीय स्वागत-सत्कार किया।
एक स्वप्न से शुरू हुई आस्था की अनूठी यात्रा
गुजराती समाज से जुड़ी परंपरा के अनुसार स्वर्गीय शांता बेन डाया भाई पटेल ने एक रात स्वप्न देखा था कि उनके घर के सामने गरबा का आयोजन होना चाहिए। इस स्वप्न से प्रेरित होकर उन्होंने समाज के लोगों से चर्चा की और धार्मिक आयोजन शुरू करने की पहल की। धीरे-धीरे यह पहल सामूहिक आस्था का स्वरूप लेती गई। मंडी क्षेत्र में शुरू हुआ यह आयोजन समय के साथ परंपरा बन गया, जिसकी निरंतरता आज भी समाज की धार्मिक निष्ठा और सांस्कृतिक एकजुटता को दर्शाती है।
आठ दशक बाद भी कायम है परंपरा का गौरव
समय बदलता रहा, पीढ़ियां आगे बढ़ती रहीं, लेकिन गरबे से जुड़ी आस्था और उत्साह की लौ बुझने नहीं दी गई। समाज के वरिष्ठजनों ने इस परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से नई पीढ़ियों को भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता रहा। यह परंपरा इस बात का उदाहरण है कि जब किसी धार्मिक पहल को समाज का सहयोग मिलता है, तो वह वर्षों तक लोगों के दिलों में स्थान बनाए रखती है।
सकल हिंदू मंच ने किया वरिष्ठजनों का सम्मान
इसी गौरवशाली परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए सकल हिंदू मंच समिति, मंडी के सदस्य गुजराती समाज के वरिष्ठजनों के बीच पहुंचे। पूर्व पार्षद रामप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में समाज के वरिष्ठ सदस्यों का पुष्प और उपहार भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर बाबू भाई शाह, किरीट भाई शाह, शैलेश भाई पटेल, महेंद्र भाई पटेल, बालेंद्र भाई पटेल और जयंत भाई साहब सहित गुजराती समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया। समाज की वरिष्ठ महिलाओं का भी स्वागत-सत्कार कर उनके योगदान के प्रति सम्मान प्रकट किया गया।
सम्मान के साथ दिया सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम में सकल हिंदू मंच की ओर से रामप्रकाश चौधरी, भारत सिंह चौहान, पंडित बृजेश शर्मा, अरविंद साहू, निर्मल पंवार, राजेंद्र राठौड़ रानू, शिवम त्यागी, दर्शन ताम्रकार और सचिन अरोरा उपस्थित रहे। मंडी क्षेत्र की वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती नूतन राठौर, रमा साहू, नीता राठौर, श्रीमती दीपिका शर्मा, श्रीमती ज्योति ताम्रकार और संगीता चौधरी सहित अन्य साथियों ने भी सहभागिता की।
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विरासत को सहेजना ही पूर्वजों के प्रति सच्चा सम्मान
यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक विरासत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी रहा, जिसे समाज ने वर्षों से संभालकर रखा है। स्वर्गीय शांता बेन की पहल से आरंभ हुई गरबा परंपरा आज भी आस्था, समर्पण और सामूहिक सहभागिता का संदेश दे रही है। वरिष्ठजनों का सम्मान कर सकल हिंदू मंच ने यह भाव प्रकट किया कि समाज की पहचान बनाने वाली धार्मिक परंपराओं और उन्हें जीवित रखने वाले लोगों का सम्मान करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। ऐसी पहलें सामाजिक सद्भाव को मजबूत करती हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देती हैं।




















