इंदौर के दो बदमाशों को 7-7 साल की सजा, बस से युवकों को उतारकर पीटा था

सीहोर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमके वर्मा की अदालत ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) में सात-सात वर्ष और धारा 140(3) में पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है। साथ ही कुल 8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक शाहना रईस ने पैरवी की।
आधी रात बस में पहुंचे बदमाश
अभियोजन के अनुसार, घटना 3 दिसंबर 2025 की है। फरियादी अर्जुन मालवीय अपने दोस्तों रिहान मंसूरी, अयान मंसूरी, रियाज मंसूरी, कुलदीप मालवीय और सुमित मालवीय के साथ हैदराबाद से भोपाल आया था। इसके बाद सभी आष्टा क्षेत्र के खड़ी जोड़ जाने के लिए भोपाल के नादरा बस स्टैंड से इंदौर की ओर जा रही स्लीपर बस क्रमांक आरजे-07 पीए-9727 में सवार हुए थे। रात करीब 12:30 बजे बस कुबेरेश्वर धाम के पास रुकी, तभी दो युवक बस में चढ़े और अर्जुन, सुमित का नाम लेकर उन्हें तलाशने लगे। दोनों के सामने आते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और कॉलर पकड़कर उन्हें जबरन बस से नीचे उतार लिया।
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पेट्रोल पंप के पास निर्माणाधीन इमारत में ले जाकर पीटा
आरोपियों ने दोनों युवकों को काले रंग की बाइक पर बैठाया और पेट्रोल पंप के पास स्थित निर्माणाधीन इमारत में ले गए। यहां एक आरोपी ने प्लास्टिक के पाइप से हमला किया, जबकि दूसरे ने हाथ, थप्पड़ और मुक्कों से मारपीट की। अचानक हुए हमले से दोनों युवक घायल हो गए। अर्जुन के दोनों हाथ-पैरों में चोटें आईं, जबकि सुमित के दोनों हाथों और दाहिने कंधे पर चोट पहुंची। रात के अंधेरे में सुनसान जगह पर युवकों के साथ की गई इस वारदात ने हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
₹30 हजार और मोबाइल छीनकर फरार हुए आरोपी
मारपीट के दौरान आरोपियों ने अर्जुन के पास रखे 30 हजार रुपये और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर मंडी थाना पुलिस ने 3 दिसंबर 2025 को अपराध क्रमांक 370/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) के तहत प्रकरण कायम किया और विवेचना शुरू की। बाद में जांच के दौरान आरोपियों के विरुद्ध अन्य संबंधित धाराओं में भी अभियोजन की कार्रवाई की गई।
फंदा टोल प्लाजा के CCTV फुटेज बने अहम सुराग
मामले की जांच में पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और फंदा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज जुटाए। इन फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने इंदौर निवासी आदिल खान, पिता युसूफ खान, उम्र 21 वर्ष, और मोहम्मद मोहसिन पठान, पिता मोहम्मद शकील, उम्र 20 वर्ष, को गिरफ्तार किया। इसके बाद पीड़ितों से आरोपियों की पहचान परेड भी कराई गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज से संबंधित प्रमाणपत्र भी तैयार किया गया, ताकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सके।
बाइक, नकदी और कपड़े जब्त
विवेचना के दौरान आरोपी आदिल खान से पल्सर मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, 3 हजार रुपये, प्लास्टिक का डंडा और घटना के समय पहनी गई जैकेट जब्त की गई। वहीं, आरोपी मोहम्मद मोहसिन पठान से 4,200 रुपये, जैकेट और मफलर जब्त किए गए। पुलिस ने जब्ती संबंधी दस्तावेज तैयार कर साक्ष्य संकलित किए। संपूर्ण अनुसंधान के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में अभियोजन ने साक्ष्य और तर्क पेश किए, जिन पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया।
दोनों आरोपियों को दो धाराओं में सश्रम कारावास
प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमके वर्मा ने आदिल खान और मोहम्मद मोहसिन पठान, दोनों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) में सात-सात वर्ष तथा धारा 140(3) में पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर कुल 8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।




















