सीहोर: पुलिस ने मिशन रिकवरी के तहत 493 गुमशुदा मोबाइल किए बरामद

सीहोर। जिले की सड़कों से लेकर साइबर स्पेस तक, अपराधियों और मोबाइल उचक्कों के मंसूबों को सीहोर पुलिस ने पूरी तरह मिट्टी में मिला दिया है। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के कड़े तेवर और सटीक रणनीति के आगे शातिरों की हर चालाकी पस्त साबित हुई। जिला साइबर सेल और जिलेभर के थानों की स्पेशल टीमों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए गुम और चोरी हुए 493 मोबाइल फोन बरामद कर सनसनीखेज रिकवरी दर्ज की है। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स का बाजार मूल्य करीब ₹78 लाख आंका गया है। नवरात्रि के पावन पर्व पर खाकी ने पीड़ितों को उनके खोए फोन लौटाकर जनता का भरोसा आसमान पर पहुंचा दिया है।
3 साल से गुम मोबाइलों का भी हिसाब
जो लोग वर्षों पहले अपने कीमती फोन खोकर उम्मीद पूरी तरह हार चुके थे, उनके लिए सीहोर पुलिस का यह एक्शन किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। साइबर सेल की टेक्निकल विंग ने केवल हालिया महीनों के मामले ही नहीं सुलझाए बल्कि पिछले तीन वर्षों से गायब फोनों के डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल डाले। आईएमईआई (IMEI) ट्रैकिंग और डिजिटल सर्विलांस के जरिए पुलिस टीम ने उन फोनों को भी ढूंढ निकाला जिन्हें शातिरों ने ठिकाने लगा दिया था या सिम बदलकर इस्तेमाल किया जा रहा था। इस सघन अभियान ने जिले में अवैध रूप से मोबाइल खपाने वाले गिरोहों की कमर तोड़कर रख दी है।
एसपी कार्यालय में हाई-वोल्टेज वितरण कार्यक्रम
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित विशेष वितरण कार्यक्रम के दौरान 260 मोबाइल फोन सीधे उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किए गए। शेष 233 मोबाइल फोन संबंधित थाना स्तर पर पूरी वैधानिक प्रक्रिया के साथ धारकों को लौटाए जा रहे हैं। जब एसपी सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने पीड़ितों के हाथों में उनके मोबाइल सौंपे, तो पीड़ितों की आंखें खुशी से छलक उठीं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नागरिकों ने सीहोर पुलिस की कार्यशैली, तत्परता और जीरो टॉलरेंस की नीति की मुक्तकंठ से सराहना की।
लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं: एसपी की दो-टूक चेतावनी
एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर किसी भी तरह की ढिलाई न बरतें। उन्होंने कहा कि फोन गायब होते ही तुरंत नजदीकी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएं या भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर तत्काल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। त्वरित सूचना मिलने पर साइबर सेल की कार्रवाई बेहद घातक और तेज होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से किसी अन्य का फोन अपने पास रखना या खरीदना गैरकानूनी है, ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ पुलिस सीधे जेल भेजने की सख्त कार्रवाई करेगी।
साइबर सेल के इन रणबांकुरों ने रचा इतिहास
इस पूरे महा-ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन और साइबर सेल टीम की आक्रामक मेहनत की मुख्य भूमिका रही। प्रधान आरक्षक सुशील कुमार साल्वे (प्रभारी साइबर सेल), प्रधान आरक्षक शैलेंद्र सिंह राजपूत, आरक्षक अभिषेक चौहान, आरक्षक तरुण राठौर, आरक्षक अर्पित गुप्ता और आरक्षक जितेंद्र राजपूत सहित विभिन्न थानों की विशेष टीमों ने दिन-रात तकनीकी साक्ष्य जुटाकर यह बड़ी सफलता हासिल की। उत्कृष्ट कार्य करने वाले इन सभी पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया है। सीहोर पुलिस का यह अभियान साफ संकेत है। अपराधी चाहे फोन पाताल में भी छिपा दें, खाकी का हाथ उनकी गर्दन तक पहुंचकर ही रहेगा।




















