भोपाल के श्रमोदय विद्यालय की रसोई में मिलीं खामियां, 9 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए

भोपाल। नीलबड़ के मुगालिया छाप स्थित शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय में बच्चों के भोजन में छिपकली मिलने और एक दर्जन से अधिक बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने रसोई का औचक निरीक्षण किया। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात पहुंची विभागीय टीम को रसोई में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां मिलीं। अधिकारियों ने बेसन, तेल, तैयार दाल और मटर पनीर सहित नौ खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टूटी टाइल्स और क्षतिग्रस्त सतहें मिलीं
निरीक्षण के दौरान रसोई के फर्श और दीवारों पर लगी टाइल्स कई जगह से टूटी हुई मिलीं। आटा गूंथने की मशीन के आसपास की सतह भी क्षतिग्रस्त थी। अधिकारियों के अनुसार टूटी और खराब सतहों पर गंदगी जमा होने के साथ कीट पनपने की आशंका रहती है। इससे भोजन की स्वच्छता प्रभावित हो सकती है। टीम को भोजन परोसने वाले स्थान पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी निरीक्षण के दौरान नहीं दिखाए जा सके। इन कमियों के सामने आने के बाद विद्यालय की रसोई में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े हुए हैं।
9 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज एस. पावक के अनुसार, विभागीय टीम ने निरीक्षण के दौरान बेसन, कोकोनट पाउडर, पापड़, कतरन, तैयार दाल, मटर पनीर, तेल, बर्फी और मसूर दाल के नमूने लिए हैं। इन सभी नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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भोजन में छिपकली मिलने के बाद बीमार हुए थे बच्चे
विद्यालय में बच्चों को परोसे गए भोजन में छिपकली मिलने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों के बीमार होने की शिकायत सामने आई थी। बच्चों को उपचार के लिए जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद विद्यालय में तैयार किए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता को लेकर चिंता बढ़ गई।




















