Sehore:बिलकिसगंज में बिजली व्यवस्था के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा, मशाल जुलूस निकालकर उग्र आंदोलन की चेतावनी

सीहोर। रात का सन्नाटा... हाथों में जलती मशालें... और गूंजते नारे। यह दृश्य किसी आंदोलन की शुरुआत का नहीं, बल्कि उन किसानों के दर्द और आक्रोश का था जो वर्षों से जर्जर बिजली व्यवस्था का खामियाजा भुगत रहे हैं। बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के किसानों ने आधी रात सड़कों पर उतरकर मशाल जुलूस निकाला और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र होगा।
दर्जनों गांवों के किसान हुए एकजुट
खेड़ली, कुलान्सखुर्द, भोजनगर, चंदेरी, बरखेड़ी, बिलकिसगंज, रामखेड़ी, डाबला सहित दर्जनों गांवों के किसान इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। किसानों ने हाथों में मशालें लेकर गांव की सड़कों पर मार्च निकाला और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि वर्षों से जर्जर बिजली लाइनें और झूलते तार ग्रामीणों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन विभाग लगातार अनदेखी कर रहा है।
झूलते तार बन रहे जानलेवा
किसानों का आरोप है कि खेतों और गांवों से गुजरने वाली 11 केवी और एलटी लाइनें बेहद खराब हालत में हैं। कई स्थानों पर बिजली के तार जमीन के बेहद करीब झूल रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने बताया कि करंट लगने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि कुछ किसानों को अपने हाथ तक गंवाने पड़े। इसके अलावा खेतों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण फसलें जलकर राख हो चुकी हैं और कई मवेशियों की भी करंट लगने से मौत हो चुकी है।
'शिकायतें कीं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई'
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता भगवान सिंह पटेल ने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय बिजली कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और अधिकारियों को फोन भी किए, लेकिन किसी ने गंभीरता से समस्या का समाधान नहीं किया। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया।
मंत्रियों और प्रशासन के आदेश भी नहीं बदले हालात
किसानों का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन की ओर से भी विद्युत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सुधार के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो व्यवस्था सुधारी और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाया। किसानों ने इसे प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी बताया।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मांग रखी कि बिलकिसगंज विद्युत वितरण केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ-साथ सीहोर के अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री को तत्काल हटाया जाए तथा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे क्षेत्र में जर्जर बिजली खंभों और झूलते तारों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने का कार्य शुरू किया जाए।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
मशाल जुलूस में शामिल किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर अमल नहीं हुआ तो हर गांव में धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। किसानों ने कहा कि अब वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाएंगे।
बिजली विभाग ने क्या कहा
इस मामले में बिलकिसगंज सब स्टेशन के जूनियर इंजीनियर (जेई) चंद्रशेखर का कहना है कि क्षेत्र में बिजली कटौती की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि जहां-जहां झूलते तारों की शिकायत मिल रही है, वहां सुधार कार्य कराया जा रहा है और विभाग लगातार आवश्यक मरम्मत कर रहा है।












