सतना में खदान के गहरे पानी में डूबे 13 वर्षीय किशोर का शव 34 घंटे बाद मिला, ग्रामीणों का प्रदर्शन

सतना। जिले के ककलपुर गांव में प्रभात स्टोन क्रेशर की खुली खदान में भरे गहरे पानी में डूबे 13 वर्षीय किशोर का शव करीब 34 घंटे की तलाश के बाद गुरुवार तड़के बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान गांव निवासी लल्लू उर्फ अखिलेश साहू, पिता चंद्रभान साहू, के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने खदान प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने खदान के आसपास सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी बोर्ड नहीं होने पर नाराजगी जताई।
सामान लेने निकला था किशोर
परिजनों के मुताबिक अखिलेश मंगलवार शाम करीब 6 बजे साइकिल से बाजार सामान लेने के लिए निकला था। देर रात तक उसके घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खदान के किनारे उसकी साइकिल मिली। इसके अलावा पानी में चप्पल तैरती हुई दिखाई दी। इससे परिजनों को उसके खदान के पानी में गिरने की आशंका हुई। अंधेरा होने के कारण मंगलवार रात पानी में तलाश करना संभव नहीं हो सका।
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SDRF ने दिनभर चलाया सर्च ऑपरेशन
बुधवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद SDRF की टीम ने खदान में भरे पानी में किशोर की तलाश शुरू की। टीम ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन अखिलेश का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार तलाश के बाद गुरुवार तड़के करीब 4 बजे किशोर का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया। इसके बाद शव को बाहर निकाला गया और उसकी पहचान की गई।
शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
शव मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप था कि खदान में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। खदान के आसपास चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण हादसा हुआ। ग्रामीणों ने शव को मौके पर रखकर खदान प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
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10 लाख रुपये की सहायता के आश्वासन के बाद शांत हुए परिजन
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद खदान संचालक की ओर से परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस घटना की परिस्थितियों और खदान में सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। ग्रामीणों की ओर से खदान प्रबंधन पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जाएगी।




















