सतना। मध्य प्रदेश के सतना की अस्मि भारती ने ताइक्वांडो की दुनिया में बेहद कम समय में अपनी पहचान बनाई है। जूनियर गर्ल्स वर्ल्ड ताइक्वांडो चैंपियनशिप‑2026 के लिए उनका चयन हुआ है। यह प्रतियोगिता 12 से 17 अप्रैल तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के ओलंपिक सिटी खेल परिसर में आयोजित होगी। इस उपलब्धि के साथ अस्मि मध्य प्रदेश की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
अस्मि भारती ने साल 2021 से अपने पिता और जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव डॉ. संदीप भारती के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। अब तक उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 10 से ज्यादा स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी यह सफलता दर्शाती है कि समर्पण, मेहनत और अनुशासन के साथ युवा खिलाड़ी कम समय में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बना सकते हैं।
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पिछले 8 महीनों से अस्मि भारती मध्य प्रदेश मार्शल आर्ट अकादमी, टीटी नगर भोपाल में प्रशिक्षण ले रही हैं। यह प्रशिक्षण खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित है और उन्हें कोच जगजीत सिंह माड और अर्जुन सिंह रावत से विशेष मार्गदर्शन मिला। इस प्रशिक्षण ने उनके प्रदर्शन को और निखारा और उनकी तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मजबूत किया।
अस्मि ने जनवरी में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी दावेदारी मजबूत की। इसके बाद 13 से 15 मार्च तक सोनीपत में आयोजित फाइनल ट्रायल में उन्होंने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। इस जीत के साथ उनकी विश्व चैंपियनशिप में जगह पक्की हो गई।
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अस्मि के पिता और कोच डॉ. संदीप भारती ने बताया कि अस्मि की सफलता का मूल आधार समर्पण और अनुशासन है। उन्होंने कहा कि, अस्मि हर काम को पूरी मेहनत और निरंतरता के साथ करती हैं। यही उसकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है। बचपन से ही हमने उसे मार्शल आर्ट और एथलेटिक्स की ट्रेनिंग दी है। उसने खुद को हर चुनौती के लिए तैयार किया है।
डॉ. भारती का मानना है कि, सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से कोई भी खिलाड़ी राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है।
इस उपलब्धि से सिर्फ अस्मि का ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और विंध्य अंचल का नाम रोशन हुआ है। मध्य प्रदेश के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए यह एक प्रेरणा का स्रोत है। यह संदेश देता है कि, छोटे शहर की खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकती हैं।
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अस्मि का सफर यह बताता है कि, कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और अनुशासन से कोई भी युवा खिलाड़ी अपने सपनों को साकार कर सकता है। उन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित किया है और अब विश्व स्तर की प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
जूनियर गर्ल्स वर्ल्ड ताइक्वांडो चैंपियनशिप‑2026 का आयोजन 12 से 17 अप्रैल 2026 तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के ओलंपिक सिटी खेल परिसर में होगा। अस्मि भारती देश की ओर से दमदार प्रदर्शन करेंगी और अपने तकनीकी कौशल और दृढ़ संकल्प के दम पर भारत को गौरवान्वित करेंगी।
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अस्मि की कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। यह दिखाती है कि, सपने चाहे जितने बड़े हों, मेहनत और सही प्रशिक्षण से उन्हें सच किया जा सकता है। खासकर छोटे शहरों की लड़कियां भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं। अस्मि भारती इसका जीता जागता उदाहरण हैं।