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ECLGS 5.0 को कैबिनेट की मंजूरी:MSMEs को ₹100 करोड़ तक लोन, एयरलाइंस को ₹1500 करोड़ तक राहत

केंद्र सरकार ने ECLGS 5.0 को मंजूरी दी है। इस स्कीम के तहत MSMEs को ₹100 करोड़ और एयरलाइन कंपनियों को ₹1500 करोड़ तक बिना गारंटी लोन मिलेगा। जानिए पूरी डिटेल, पात्रता, अवधि और सरकार की गारंटी से जुड़ी अहम बातें।
MSMEs को ₹100 करोड़ तक लोन, एयरलाइंस को ₹1500 करोड़ तक राहत

केंद्र सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम यानी ECLGS 5.0 को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब छोटे उद्योग (MSMEs) और एयरलाइन कंपनियों को बड़ा राहत पैकेज मिलेगा। बिना गारंटी के लोन देने वाली यह स्कीम कारोबार को संभालने और आर्थिक दबाव से उबरने में अहम भूमिका निभाएगी।

क्या है ECLGS 5.0 और कितना मिलेगा लोन

ECLGS 5.0 के तहत MSMEs अधिकतम ₹100 करोड़ तक का लोन ले सकेंगे जबकि एयरलाइन कंपनियों के लिए यह सीमा ₹1500 करोड़ तक तय की गई है। इस स्कीम में सबसे बड़ी बात यह है कि लोन लेने के लिए किसी तरह की गारंटी नहीं देनी होगी। सरकार की ओर से नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100% तक क्रेडिट गारंटी कवर देगी जिससे लोन देने में जोखिम काफी कम हो जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह कदम ग्लोबल हालात खासकर अमेरिका-ईरान तनाव के कारण पैदा हुए आर्थिक दबाव को देखते हुए उठाया गया है। इसका मकसद कंपनियों को बिजनेस जारी रखने, सप्लाई चेन मजबूत करने और नौकरियां बचाने में मदद देना है। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

कुल कितना फंड और किस सेक्टर को फायदा

सरकार इस स्कीम के तहत कुल ₹2.55 लाख करोड़ तक का सपोर्ट देगी। इसमें से एयरलाइन सेक्टर के लिए ₹5000 करोड़ का हिस्सा अलग से रिजर्व रखा गया है।

  • MSMEs और अन्य बिजनेस: वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इस्तेमाल हुई वर्किंग कैपिटल का अधिकतम 20% अतिरिक्त लोन ले सकेंगे, लेकिन सीमा ₹100 करोड़ तक ही रहेगी
  • एयरलाइन कंपनियां: यहां लोन की सीमा 100% तक होगी, यानी एक कंपनी ₹1500 करोड़ तक का लोन ले सकती है

लोन चुकाने में भी मिलेगी राहत

सरकार ने लोन रीपेमेंट को आसान बनाने के लिए मोरेटोरियम की सुविधा भी दी है।

  • MSMEs: 5 साल की अवधि, जिसमें पहले 1 साल सिर्फ ब्याज भरना होगा
  • एयरलाइन सेक्टर: 7 साल की अवधि, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है

100% गारंटी, कोई फीस नहीं

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसका गारंटी कवर है।

  • MSMEs के लिए 100% गारंटी
  • नॉन-MSMEs और एयरलाइंस के लिए 90% गारंटी

अगर कोई कंपनी लोन नहीं चुका पाती है तो उसका नुकसान सरकार उठाएगी। इसके लिए न तो बैंकों को और न ही ग्राहकों को कोई गारंटी फीस देनी होगी।

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कौन उठा सकेगा फायदा

इस स्कीम का लाभ उन्हीं MSMEs, नॉन-MSMEs और पैसेंजर एयरलाइन कंपनियों को मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ कैटेगरी में हैं यानी जो समय पर लोन चुका रहे हैं।

सेमीकंडक्टर सेक्टर को भी बढ़ावा

कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत दो नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें देश की पहली मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले यूनिट शामिल है जो GaN टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट को भी हरी झंडी मिली है। ये दोनों प्रोजेक्ट गुजरात में लगाए जाएंगे जिन पर करीब ₹3,936 करोड़ का निवेश होगा और करीब 2,230 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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कॉटन सेक्टर के लिए भी बड़ा फैसला

सरकार ने ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को भी मंजूरी दी है। यह मिशन 2026-27 से 2030-31 तक चलेगा जिसके लिए ₹5659.22 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कपास उत्पादन में आ रही दिक्कतों को दूर करना, पैदावार बढ़ाना और क्वालिटी सुधारना है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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