पल्लवी वाघेला, भोपाल। बहन को नई साइकिल दिलाए जाने से करीब 10 साल का बच्चा इस कदर नाराज हुआ कि उसने नई साइकिल उठाई और उसे चलाकर स्टेशन पहुंच गया। यही नहीं, बच्चा साइकिल को ट्रेन में चढ़वाकर उसी से दिल्ली जाने की प्लानिंग कर रहा था। लेकिन, स्टेशन के अंदर जाने के पहले ही उसे रेस्क्यू कर लिया गया।
यह दस साल का बच्चा उच्च मध्यम वर्गीय परिवार से है। मां, बिजली विभाग में और पिता प्राइवेट जॉब में है। बच्चे ने बताया कि वह बहुत दिनों से नई साइकिल की मांग कर रहा था, लेकिन 14 साल की बड़ी बहन को नई साइकिल दिलवाई गई। जब उसने गुस्सा किया तो घरवालों ने कहा कि तू भी चला लिया कर। यह बात बच्चे को पसंद नहीं आई। बच्चे ने बताया कि उसने मन बना लिया कि वह अब मौसी के साथ दिल्ली में ही रहेगा। उसने कहा कि वह चला भी जाता तो साइकिल तो बहन के पास रह जाती। पहले तो उसका मन किया कि साइकिल तोड़-फोड़ दे, लेकिन बाद में उसने सोचा कि साइकिल साथ लेकर चला जाए। बच्चे ने बताया कि उसने चुपचाप साइकिल उठाई और रेलवे स्टेशन घर से पास होने के कारण सीधे स्टेशन पहुंच गया। लेकिन यहां अंदर साइकिल को लेकर जाना समस्या थी। इसके लिए वह मदद मांग रहा था। बता दें, इसी दौरान रेलवे पुलिस द्वारा उसे रेस्क्यू किया गया।
बच्चे ने असल बात बताने के पहले कई कहानियां बनाई, उसने कहा कि वह आगरा जा रहा था। वह साइकिल से घूमना चाहता था। नई साइकिल पर भी उसने कहा कि उसने खुद आज ही खरीदी है। जब पूछा कि अकेले कैसे खरीदी तो बच्चे ने कहा कि एक ऑटो वाले अंकल ने मदद की थी। हालांकि, जब ऑटो वाले के बारे में जानकारी मांगी गई तो बच्चा चुप हो गया। बड़ी मुश्किल से उसने पूरी कहानी बताई। साथ ही परिवार जन से संपर्क भी कराया। परिवार स्टेशन के समीप ही रहता था, इस कारण तुरंत पहुंच गया और आवश्यक कार्यवाही के बाद बच्चे को सौंप दिया गया।