सारंगपुर में शराब दुकान के विरोध में सड़क पर उतरीं आदिवासी महिलाएं, स्कूल के पास से हटाने की मांग
सोहागपुर। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मढ़ई के पास स्थित आदिवासी अंचल सारंगपुर में शराब दुकान के विरोध में ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। सोमवार को बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने मुख्य मार्ग और गर्ल्स स्कूल के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर दुकान के सामने सड़क पर बैठकर धरना दिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब दुकान के आसपास आए दिन शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। इसके कारण स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिलाओं ने प्रशासन से शराब दुकान को स्कूल और मुख्य मार्ग से हटाने की मांग की।
छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
धरने पर बैठीं महिलाओं ने बताया कि सारंगपुर-टेकापार स्थित गर्ल्स स्कूल के नजदीक शराब दुकान का संचालन छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय है। महिलाओं का दावा है कि दुकान के आसपास शराब पीने वालों और अन्य लोगों की मौजूदगी के कारण छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि छात्राओं पर फब्तियां कसने और छेड़छाड़ की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति के कारण छात्राओं और उनके अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीण महिलाओं ने मांग की कि शराब दुकान को मुख्य मार्ग और स्कूल के समीप से तत्काल हटाया जाए, ताकि छात्राएं बिना किसी डर के स्कूल आ-जा सकें और अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
पुष्पराज पटेल ने किया महिलाओं के आंदोलन का समर्थन
महिलाओं के धरने में विधानसभा प्रत्याशी और पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह पटेल भी शामिल हुए। उन्होंने महिलाओं की मांग का समर्थन करते हुए शराब दुकान के स्थान को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पुष्पराज सिंह पटेल ने कहा कि 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर इस शराब दुकान को पूरे दिन बंद रखने का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
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2 अक्टूबर से ‘मदिरा मुक्त मध्यप्रदेश’ अभियान की घोषणा
धरना स्थल से पुष्पराज सिंह पटेल ने 2 अक्टूबर से ‘मदिरा मुक्त मध्यप्रदेश’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत सोहागपुर के इसी आदिवासी अंचल से की जाएगी। उनके अनुसार अभियान के जरिए शराब से जुड़ी सामाजिक समस्याओं के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को भी उठाया जाएगा।
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प्रशासन के फैसले पर टिकी नजर
शराब दुकान के विरोध में महिलाओं के सड़क पर उतरने के बाद मामला स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग के सामने पहुंच गया है। ग्रामीण महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग शराब दुकान को स्कूल और मुख्य मार्ग से हटाने की है।






















