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रूस के जासूसी सैटेलाइट दे रहे ईरान समर्थित मिलिशिया को खुफिया मदद, सऊदी ऑयल पाइपलाइन और एयर बेस पर 40 हमलों में 100% पैटर्न मिला

1 जुलाई से 19 अक्टूबर के बीच सऊदी अरब पर हूती और इराकी मिलिशिया के 40 मिसाइल-ड्रोन अटैक, ऑरोरा जियोसिग्नल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट, हर अटैक से पहले रूसी सैटेलाइट्स की मौजूदगी, पंपिंग स्टेशन और इटैलियन फाइटर जेट को नुकसान।
रूस के जासूसी सैटेलाइट दे रहे ईरान समर्थित मिलिशिया को खुफिया मदद, सऊदी ऑयल पाइपलाइन और एयर बेस पर 40 हमलों में 100% पैटर्न मिला

रियाद।पिछले महीने ईरान समर्थित मिलिशिया ने एक सटीक अटैक किया, जिसमें सऊदी अरब की सबसे अहम ऑयल पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशन को टारगेट किया गया। इसके कुछ दिनों बाद एक और अटैक सऊदी अरब के एक मिलिट्री एयर बेस पर हुआ, जिसमें हैंगर के अंदर खड़ा एक इटैलियन फाइटर जेट डैमेज हो गया। इन हमलों की सफलता के पीछे आसमान में हो रही एक एक्टिविटी का बड़ा हाथ था। हमलों से कई दिन पहले रूस के स्पाई सैटेलाइट्स इंटेलिजेंस गैदर करने के लिए पाइपलाइन और एयर बेस के ऊपर इकट्ठा हो गए थे।

40 मिसाइल और ड्रोन हमलों की जांच की

जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी एक प्राइवेट फर्म ने बताया कि उसने 1 जुलाई से 19 अक्टूबर के बीच यमन के हूती विद्रोहियों और इराक के मिलिशिया ग्रुप्स द्वारा सऊदी अरब पर किए गए 40 मिसाइल और ड्रोन हमलों की जांच की। फर्म ने पाया कि हर केस में एक जैसा पैटर्न था, हमले से कई दिन पहले और बाद तक रूस सरकार और आर्मी के सैटेलाइट्स उन क्षेत्रों के ऊपर चक्कर लगा रहे थे। जिनेवा स्थित 'ऑरोरा जियोसिग्नल इंटेलिजेंस' (AURORAH Geosignal Intelligence) के संस्थापक नवाफ ओबैद ने कहा- हमें सैटेलाइट्स की मूवमेंट और अटैक्स के बीच 100% मेल मिला है।

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यमन के हूतियों का फिर मिसाइल अटैक का दावा

ईरान समर्थित यमनी हूतियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब की रास तानूरा ऑयल रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल से अटैक किया है। यह सऊदी अरब की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी है। यमन और सऊदी अरब के बीच बढ़ती दुश्मनी ने ऑयल सप्लाई को और डिस्टर्ब कर दिया है। हालांकि सऊदी अधिकारियों ने तुरंत इस हमले की पुष्टि नहीं की। साथ ही, इससे पूरे रीजन में एक बड़े कॉन्फ्लिक्ट का खतरा भी बढ़ गया है। हूतियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स पर अटैक किया और रेड सी के एक अहम शिपिंग रूट, 'बाब अल-मंदेब स्ट्रेट' के पास सऊदी समर्थित फोर्सेज की आगे बढ़ने की कोशिश को फेल कर दिया।

रिफाइनरी में आग लग गई

हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता, याह्या सरी ने कहा कि रास तानूरा रिफाइनरी पर हुए हमले के कारण वहां आग लग गई। इस परिसर में एक शिपिंग टर्मिनल भी है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में, खाड़ी के किनारे स्थित है। रास तानूरा, जिसकी क्षमता 5,50,000 बैरल प्रतिदिन है, को ईरान युद्ध के शुरुआती महीनों में एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। 

सऊदी का मुख्य रूप से दो बंदरगाहों से तेल निर्यात

सऊदी अरब का लगभग सारा तेल निर्यात दो मुख्य बंदरगाहों से होता है।खाड़ी में स्थित रास तानूरा और लाल सागर पर स्थित यानबू। हूती विद्रोही पहले भी इन दोनों जगहों पर हमले कर चुके हैं। ब्लूमबर्ग न्यूज ने मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के हवाले से बताया कि सऊदी अरब ने रास तानूरा टर्मिनल के पास लगी आग पर काबू पा लिया गया है।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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