US Air Force का बड़ा कदम, F-16 फाइटर जेट में लगेगी Mach 5 स्पीड वाली Blackbeard हाइपरसोनिक मिसाइल

वॉशिंगटन। अमेरिकी एयर फोर्स मैक 5 की स्पीड वाली हाइपरसोनिक मिसाइल को F-16 फाइटर जेट्स में लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अमेरिकी एयर फोर्स अपने सबसे ज्यादा यूज होने वाले फाइटर जेट्स में से एक में हाइपरसोनिक स्ट्राइक कैपेबिलिटी को इंटीग्रेट करने के लिए कदम उठा रही है। डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी कैस्टेलियन को एयर फोर्स रिसर्च लेबोरेटरी (AFRL) से F-16 फाइटिंग फाल्कन में अपनी ब्लैकबीर्ड मिसाइल के इंटीग्रेशन वर्क शुरू करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट मॉडिफिकेशन मिला है ।कैस्टेलियन ने 26 अक्टूबर को इस डेवलपमेंट की अनाउंसमेंट करते हुए कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट AFRL के साथ उसके मौजूदा वर्क का एक्सटेंशन है। कंपनी ने मॉडिफिकेशन की कॉस्ट, इंटीग्रेशन की टाइमलाइन या F-16 से मिसाइल के पहले लॉन्च की डेट का खुलासा नहीं किया है। ब्लैकबीर्ड को मैक 5 से ज्यादा स्पीड से उड़ने के लिए डिजाइन किया गया है।
लंबी दूरी तक मार कर सकती है मिसाइल
ब्लैकबीर्ड एक लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक मिसाइल है जिसे एटमॉस्फियर में मैन्युवर करते हुए साउंड की स्पीड से पांच गुना से ज्यादा स्पीड से ट्रैवल करने के लिए डिजाइन किया गया है। कैस्टेलियन इसे अफोर्डेबल और मास प्रोडक्शन पर फोकस के साथ डेवलप कर रही है। इसका टारगेट ट्रेडिशनली महंगे सिस्टम्स की तुलना में ज्यादा संख्या में हाइपरसोनिक स्ट्राइक कैपेबिलिटी अवेलेबल कराना है।
हाइपरसोनिक वेपन्स एयर डिफेंस को मुश्किल बना सकते हैं
हायपरसोनिक हथियारों की स्पीड और डायरेक्शन बदलने की क्षमता के कारण इनके फ्लाइट पाथ का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, इनका रियल परफॉर्मेंस वेपन के फ्लाइट प्रोफाइल, गाइडेंस सिस्टम और सामने आने वाले डिफेंस सिस्टम्स पर निर्भर रहती है। कैस्टेलियन ने अभी तक 'ब्लैकबियर्ड' (Blackbeard) के टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स का पूरा डिटेल पब्लिक नहीं किया है। इसमें इसकी रेंज और गाइडेंस से जुड़ी डिटेल्ड इंफॉर्मेशन शामिल है। कैस्टेलियन को एयर फोर्स रिसर्च लेबोरेटरी के साथ अपने मौजूदा काम के तहत एक कॉन्ट्रैक्ट मॉडिफिकेशन मिला है। इसके जरिए F-16 एयरक्राफ्ट में 'ब्लैकबियर्ड' को शामिल करने (इंटीग्रेशन) की प्रोसेस शुरू की जाएगी।
मिसाइल के दो तरह के वर्जन बनेंगे
कंपनी एयर-लॉन्च और ग्राउंड-लॉन्च, दोनों तरह के वर्जन्स पर काम कर रही है। ग्राउंड-लॉन्च वर्जन को अमेरिकी आर्मी के M142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) के साथ यूज करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
F-16 में शामिल करने से रेंज बढ़ सकती है
F-16 फाइटिंग फाल्कन एक मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जिसका यूज अमेरिकी एयर फोर्स और दुनिया भर की कई अन्य एयर फोर्सेज करती हैं। अगर 'ब्लैकबियर्ड' को इसके वेपन्स में शामिल किया जाता है, तो अमेरिकी नेवी के F/A-18E/F सुपर हॉर्नेट के अलावा, F-16 भी इस मिसाइल को लॉन्च करने का एक और प्लेटफॉर्म बन सकता है। एयर-लॉन्च वेपन्स को पहले लॉन्च पॉइंट तक ले जाया जा सकता है और बाद में छोड़ा जा सकता है। इससे एयरक्राफ्ट को सीधे टारगेट के ऊपर से गुजरे बिना ही मिसाइल की रेंज बढ़ाई जा सकती है।
कई चरणों में लग पाती है मिसाइल फाइटर जेट पर
किसी नई मिसाइल को एयरक्राफ्ट में इंटीग्रेट करने का मतलब सिर्फ उसे जेट पर लगाना नहीं है। इंजीनियर्स को वेपन कंट्रोल, एयरक्राफ्ट सॉफ्टवेयर, कम्युनिकेशन सिस्टम, फ्लाइट सेफ्टी और टेस्टिंग जैसे एस्पेक्ट्स पर काम करना होता है। यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी सिस्टम्स एक साथ सही तरीके से काम कर रहे हैं। कैस्टेलियन ने अभी यह नहीं बताया है कि F-16 के साथ होने वाले इस काम में मिसाइल का लाइव-फायर टेस्टिंग शामिल होगी या नहीं। न ही यह क्लियर किया है कि फ्यूचर में यह काम अमेरिका के दोस्त देशों के एयरक्राफ्ट्स के लिए भी मददगार होगा या नहीं।




















