पुतिन की चेतावनी - रूस को ग्लोबल गैस मार्केट से बाहर करना पड़ेगा भारी, आर्कटिक में अमेरिका के साथ सहयोग को तैयार मॉस्को

मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल गैस मार्केट से रूस को बाहर करने की किसी भी कोशिश के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने आर्कटिक रीजन में अमेरिकी पार्टनर्स के साथ सहयोग की संभावना का भी संकेत दिया है। मॉस्को में गैस एक्सपोर्ट करने वाले देशों के एक समिट में बोलते हुए, पुतिन ने कहा कि रूस गैस सेक्टर में सहयोग के लिए तैयार है और अमेरिकी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने की संभावना तलाश रहा है। उन्होंने 'ग्रीन एजेंडा' पर बहुत ज्यादा जोर देने के खिलाफ भी आगाह किया। उनका तर्क है कि एनर्जी पॉलिसी बनाते समय भरोसेमंद सप्लाई बनाए रखने की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने रूस का तेल खरीदने का प्रस्ताव रखा था जिसपर पुतिन ने सहमति दे दी थी। इसका विरोध पूरे यूरोप ने किया था और इसे यूक्रेन से धोखा माना जा रहा है।
सहयोग के नए मौके तलाश रहा रूस
पुतिन के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब रूस जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अपनी पोजीशन को बचाए रखने और सहयोग के नए मौके तलाशने की कोशिश कर रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, पुतिन ने रूस के गैस एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और सप्लाई बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा- हमें एक्सपोर्ट रूट्स को बेहतर बनाने पर काम करने की जरूरत है और हमें गैस की सप्लाई बढ़ानी होगी। उन्होंने इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ काम करने की मॉस्को की इच्छा दोहराते हुए कहा कि रूस गैस सेक्टर में सहयोग के लिए खुला रुख रखता है।
अमेरिका के साथ काम करने की इच्छा जताई
आर्कटिक रीजन में पोटेंशियल कोऑपरेशन का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा- हम अमेरिकी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने की संभावना तलाश रहे हैं। पुतिन ने चल रहे कॉन्फ्लिक्ट्स को खत्म करने और रूस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की भी अपील की। उनके ये बयान दर्शाते हैं कि रोक और जियोपॉलिटिकल टेंशन के बावजूद रूस एक मेजर गैस सप्लायर के रूप में अपनी पोजीशन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। एक्सपोर्ट रूट्स को बेहतर बनाने और सप्लाई बढ़ाने की पुतिन की अपील से पता चलता है कि मॉस्को को अल्टरनेटिव मार्केट खोजने और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक गैस पहुंचाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है।
यूरोप में गैस की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचीं
यूरोप में गैस की कीमतें 2022 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इसकी वजह सर्दियों में गैस की सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताएं और मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष है। सोमवार को गैस की थोक कीमतें 97 यूरो (81 पाउंड) प्रति मेगावाट-घंटा तक पहुंच गईं थीं। पूरे यूरोप में तापमान गिरने के कारण व्यापारियों को हीटिंग के लिए गैस की मांग बढ़ने की उम्मीद है। यूके का 'मंथ अहेड' (अगले महीने का) कॉन्ट्रैक्ट भी 4% बढ़कर 240 पेंस प्रति थर्म हो गया है। यह दिसंबर 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है, जब यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद कीमतें तेजी से बढ़ी थीं।गैस की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में सप्लाई में और रुकावट आने का डर बढ़ गया है। ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और इजराइल ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नए हमले करने की योजना बनाई है।
यूरोप में गैस के भंडार की भी कमी हो गई
कतर से निर्यात में कमी और गर्मियों में रेफ्रिजरेशन और कूलिंग के लिए गैस की खपत बढ़ने के कारण, सर्दियों की शुरुआत में गैस का भंडार पिछले एक दशक से भी अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर है। यूरोप में गैस का भंडार अभी लगभग 75% भरा हुआ है। हालांकि मौसमी औसत के हिसाब से यह लगभग 80% होना चाहिए।




















