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रूस ने ईरान को 90 हेलीकॉप्टर मिसाइल लॉन्चर देने पर जताई सहमति, LMUR मिसाइल के लिए APU-L सिस्टम का गुप्त ऑर्डर

Vympel के दस्तावेजों से खुला K-10 कोड नाम का राज, चीन को भी 192 APU-305 लॉन्चर का ऑर्डर, डिलीवरी हुई या नहीं अभी स्पष्ट नहीं।
रूस ने ईरान को 90 हेलीकॉप्टर मिसाइल लॉन्चर देने पर जताई सहमति, LMUR मिसाइल के लिए APU-L सिस्टम का गुप्त ऑर्डर
APU-L सिस्टम

लंदन। रूस ने ईरान को 90 ऐसे लॉन्चर देने पर सहमति जताई है जिन्हें हेलीकॉप्टर पर लगाया जा सकता है। इन लॉन्चर्स का इस्तेमाल 'प्रिसिजन-गाइडेड' (सटीक निशाना लगाने वाली) मिसाइलों को दागने के लिए किया जाता है। रूसी सेना यूक्रेन में बड़े पैमाने पर इनका इस्तेमाल कर रही है।यह जानकारी रूस के आंतरिक रक्षा दस्तावेजों से फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में सामने आई है। इस ऑर्डर से पता चलता है कि रूस जो खुद यूक्रेन में युद्ध लड़ रहा है और हथियारों व उपकरणों के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भर है, तेहरान (ईरान) को सैन्य मदद दे रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स (FT) ने रूसी रक्षा निर्माता कंपनी 'विम्पेल' (Vympel) के 2024 और 2025 के प्रोडक्शन शेड्यूल (उत्पादन योजना) को देखा है। इसमें 90 'APU-L' लॉन्चर के निर्यात का ऑर्डर शामिल है। यह ऑर्डर एक विदेशी ग्राहक के लिए है जिसे "K-10" कोड नाम दिया गया है। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति और FT द्वारा देखे गए आंतरिक दस्तावेजों के अनुसार रूस की सरकारी हथियार निर्यातक कंपनी 'रोसोबोरोनएक्सपोर्ट' (Rosoboronexport) ईरान के लिए इसी कोड नाम का इस्तेमाल करती है।

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने  भारतीय कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध, ईरानी तेल कारोबार में फर्जी दस्तावेजों का आरोप,  तुर्किये भी निशाने पर

पुर्जों की डिलीवरी जल्दी करने की मांग की थी

विम्पेल ने रक्षा ब्यूरो 'KBM' को मई 2024 में एक पत्र लिखा था जिसमें इस ऑर्डर का जिक्र है। पत्र में कंपनी ने दो लॉन्चर सिस्टम के लिए पुर्जों की डिलीवरी जल्दी करने की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि अगर इसमें देरी हुई तो नौ अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) खतरे में पड़ सकते हैं।इसी शेड्यूल में चीन द्वारा दिए गए 192 'APU-305' लॉन्चर के ऑर्डर का भी जिक्र है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ईरान के लिए तय किए गए ये 90 लॉन्चर वास्तव में उसे सौंपे गए या नहीं। इन सिस्टम को रूस की 'LMUR' (जिसे 'इजदेलीये 305' भी कहा जाता है) मिसाइल को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह एक हल्की, बहुउद्देशीय गाइडेड मिसाइल है जिसे 2022 में सेना में शामिल किया गया था। तब से यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियानों में इसका इस्तेमाल नियमित रूप से हो रहा है।

इस हथियार को पहली बार 2021 में आर्मी एक्सपो में प्रदर्शित किया

अमेरिकी सेना की 'वर्ल्डवाइड इक्विपमेंट गाइड' के अनुसार, APU-L सिस्टम को Mi-28 अटैक हेलीकॉप्टरों में लगाया जा सकता है। इसमें दो मिसाइलें आ सकती हैं, जबकि APU-305 में एक मिसाइल आ सकती है। उड़ान के दौरान एक ऑपरेटर इस मिसाइल को दूर से नियंत्रित (गाइड) कर सकता है और यह चलते हुए लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। यह सौदा ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान रूसी सैन्य विमानों के अपने जखीरे का विस्तार कर रहा है। तेहरान के पास पहले से ही Mi-28 हेलीकॉप्टर मौजूद हैं। ईरान के उप रक्षा मंत्री मेहदी फराही ने नवंबर 2023 में पुष्टि की थी कि इन हेलीकॉप्टरों को सशस्त्र बलों में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

एक विमान सौदे के भी सबूत मिले

FT को ईरान के साथ रूस के एक और विमान सौदे के सबूत भी मिले हैं। रोस्टेक (Rostec) की एक सहायक कंपनी के 2023 के प्रोडक्शन शेड्यूल में 'K-10' के रूप में पहचाने गए खरीदार के लिए छह Yak-130 जेट ट्रेनर और हल्के अटैक विमानों का जिक्र है। इनकी डिलीवरी उस साल की पहली और दूसरी छमाही में होनी थी। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' ने 2023 में दो Yak-130 विमानों के पहुंचने की खबर दी थी। वहीं, स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार 2024 के अंत तक सभी छह विमानों की डिलीवरी कर दी गई थी।  

दोनों देशों में सैन्य सहयोग की जानकारी मिली

लॉन्चर का यह ऑर्डर दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के कई क्षेत्रों में एक और कड़ी जोड़ता है। इससे पहले एफटी की रिपोर्टों में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के विकास में ईरान को रूसी सहायता, वर्बा शोल्डर-लॉन्च्ड एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों की आपूर्ति और परमाणु हथियारों से संबंधित संभावित सूचनाओं के आदान-प्रदान का विस्तृत विवरण दिया गया है। पश्चिमी खुफिया अधिकारियों ने एफटी को बताया कि इस वर्ष मध्य पूर्व युद्ध के दौरान मॉस्को और तेहरान के बीच सैन्य सहयोग और गहरा गया है। यह सब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बावजूद हुआ है कि रूस ईरान की सहायता के लिए "बहुत कम, या शायद कुछ भी नहीं" कर रहा है।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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