इजराइल में बड़ा बदलाव, गादी आइसेनकोट को मिले 67 सांसदों का समर्थन, नेतन्याहू से आगे निकले, राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का दावा

तेल अवीव। इजराइल की 'यशार' पार्टी के नेता गादी आइसेनकोट को इजराइल की अगली सरकार बनाने का जनादेश पाने के लिए नेसेट (इज़राइली संसद) के 67 सदस्यों का समर्थन मिल गया है। इसके साथ ही वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से आगे निकल गए हैं। हालांकि, इतने मजबूत समर्थन के बावजूद, आइसेनकोट के लिए गठबंधन बनाना एक मुश्किल काम है। कई पार्टियां जो उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रही हैं, वे उनकी सरकार में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हैं। आइसेनकोट को यह समर्थन इजराइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ हुई बातचीत के दौरान मिला। इससे पहले, अरब-नेतृत्व वाले 'जॉइंट लिस्ट' (संयुक्त सूची) गठबंधन ने सर्वसम्मति से उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अनुशंसित करने का फैसला किया था। उन्होंने इजराइल में राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए एक राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने के अपने लक्ष्य को दोहराया है।
स्पष्ट बहुमत मिलने की जानकारी दी
X पर एक पोस्ट में आइसेनकोट ने कहा कि विपक्षी दलों के साथ बातचीत का पहला दौर उनके पक्ष में स्पष्ट बहुमत के साथ पूरा हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि सरकार बनाने का रास्ता अभी काफी लंबा है। उन्होंने लिखा- इस हफ्ते 'चेंज एंड रिपेयर' (बदलाव और सुधार) पार्टियों के साथ बातचीत और बैठकों का पहला दौर हुआ। राष्ट्रपति आवास पर परामर्श का दौर पूरा हुआ, जिसमें सरकार बनाने का जनादेश पाने के लिए मुझे स्पष्ट बहुमत का समर्थन मिला। हमारा लक्ष्य- एक ऐसी राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाना, जो हमारे प्यारे देश को वापस सुरक्षा और सही रास्ते पर ला सके। हम ऐसा करके दिखाएंगे और हम सफल होंगे।
आइसेनकोट को इन्होंने दिया समर्थन
आइसेनकोट को मिले 67 समर्थन में यहूदी-नेतृत्व वाले विपक्षी गुट के 48 सांसद शामिल हैं, जिनमें 'यशार', 'टुगेदर', 'द डेमोक्रेट्स' और 'यिसराएल बेइतेनु' शामिल हैं। 'राआम' पार्टी ने 8 सीटें दीं, जबकि 'जॉइंट लिस्ट' ने 11 सीटें जोड़ीं हैं।
नेतन्याहू काफी पीछ हैं
वहीं, नेतन्याहू को केवल 46 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि पहले उनके पक्ष में 53 सीटें आने की उम्मीद थी। उनके पारंपरिक सहयोगी, 'यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म' (UTJ) ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार कर दिया, जिससे प्रधानमंत्री के समर्थन की संख्या कम हो गई। टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'जॉइंट लिस्ट' का फैसला आइसेनकोट को नेतन्याहू पर निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम साबित हुआ। पार्टी ने पहले संकेत दिया था कि वह तटस्थ रह सकती है, लेकिन गुरुवार को हुई बातचीत के दौरान उसने अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी। 'जॉइंट लिस्ट' के चेयरमैन यूसुफ जबरीन ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी नेतन्याहू को सत्ता में लौटने से रोकना चाहती थी। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा- हम हम सभी के लिए सबसे बड़े खतरे को हटाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।




















