लाल टोपी पर VETO लिख डेमोक्रेट्स को दिया संदेश, मिडटर्म चुनाव में हार के बाद भी ट्रंप के तेवर बरकरार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद अमेरिकी राजनीति में सत्ता का संतुलन बदलता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस हार के बावजूद ट्रंप के तेवर में कोई नरमी नजर नहीं आई। उन्होंने अपने खास अंदाज में एक लाल टोपी के जरिए डेमोक्रेट्स को साफ संदेश दिया है। इस टोपी पर बड़े अक्षरों में VETO लिखा हुआ था। यह लाल टोपी उस समय चर्चा में आई, जब ट्रंप ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान वह एक सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रहे थे और उनके सामने रखी रिजोल्यूट डेस्क पर यह लाल टोपी दिखाई दी। टोपी पर लिखा VETO उनके राजनीतिक इरादों की ओर इशारा कर रहा था।
लाल टोपी से ट्रंप ने क्या संदेश दिया?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति के पास किसी विधेयक को वीटो करने का संवैधानिक अधिकार होता है। इसका मतलब है कि राष्ट्रपति कांग्रेस से पास हुए किसी विधेयक को कानून बनने से रोक सकते हैं। ट्रंप ने लाल टोपी को सामने रखकर यह संकेत दिया कि अगर डेमोक्रेट्स उनके खिलाफ कोई ऐसा कानून लाने की कोशिश करेंगे, जिसे वह सही नहीं मानते, तो वह अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। ओवल ऑफिस में हुई ब्रीफिंग के दौरान यह टोपी सिर्फ एक सामान्य वस्तु नहीं थी, बल्कि इसके जरिए ट्रंप ने विपक्ष को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। उनका इशारा साफ था कि चुनावी नतीजों के बाद भी वह अपने फैसलों और नीतियों पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी शेयर की टोपी की तस्वीर
ओवल ऑफिस में टोपी दिखाने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी लाल बेसबॉल टोपी की तस्वीर शेयर की थी। इस टोपी पर VETO लिखा हुआ था। इसके बाद उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में राष्ट्रपति के वीटो अधिकार को अमेरिका के राष्ट्रपति के सबसे ताकतवर अधिकारों में से एक बताया। ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति के पास वीटो की शक्ति होती है और इसका इस्तेमाल पहले भी कई बार किया जा चुका है। उन्होंने डेमोक्रेट्स को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे कोई बेतुका फैसला लेते हैं, तो वह उस पर वीटो लगा देंगे।
डेमोक्रेट्स की जीत से बदलेगा अमेरिकी राजनीति का समीकरण
3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत ने अमेरिकी राजनीति में नया समीकरण तैयार कर दिया है। पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में नियंत्रण हासिल कर लिया है। इससे अब ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। डेमोक्रेट्स के पास अधिक ताकत आने के बाद कांग्रेस में ट्रंप सरकार के फैसलों की जांच और उन पर सवाल उठाने की संभावना बढ़ गई है। इसके लिए सुनवाई, जांच और समन जैसे अधिकारों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन की ओर से किए जाने वाले न्यायिक और कैबिनेट से जुड़े नामांकनों को रोकने की कोशिश भी कर सकते हैं।
ट्रंप के खिलाफ बड़ा जनादेश है चुनावी नतीजे
भारतीय मूल के अमेरिकी कांग्रेस सदस्य रो खन्ना ने भी चुनावी नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने डेमोक्रेट्स की जीत को डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जनता का बड़ा फैसला बताया। खन्ना ने उम्मीद जताई कि डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में 250 से ज्यादा सीटें हासिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी को वैसा ही बड़ा बहुमत मिल सकता है, जैसा साल 2008 में बराक ओबामा के समय देखने को मिला था। उनके मुताबिक, यह नतीजा ट्रंप की नीतियों को जनता की ओर से पूरी तरह खारिज करने जैसा है।
महंगाई और युद्ध को लेकर चिंतित हैं अमेरिकी मतदाता
रो खन्ना ने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं के मन में सबसे बड़ी चिंता बढ़ते खर्च और जारी युद्ध को लेकर थी। आम लोग रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों की देखभाल पर होने वाला खर्च भी लोगों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी का ध्यान अब स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता बनाने, बच्चों की देखभाल का खर्च कम करने और रोजमर्रा की जरूरी चीजों को आम लोगों की पहुंच में रखने पर होगा। मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। वहीं, लाल टोपी पर लिखा VETO दिखाकर ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के दबाव में आने के बजाय अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में ट्रंप और डेमोक्रेट्स के बीच राजनीतिक टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।




















