भारतीय रुपया लगातार कमजोर होने के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने नेट ओपन पोजिशन (NOP-INR) को 100 मिलियन डॉलर की सीमा के भीतर रखें। यह फैसला रुपये में बढ़ती अस्थिरता को काबू में करने के लिए लिया गया है।

RBI ने 27 मार्च को जारी आदेश में कहा कि सभी अधिकृत फॉरेक्स डीलर्स को हर कारोबारी दिन के अंत तक अपनी नेट ओपन पोजिशन 100 मिलियन डॉलर के अंदर रखनी होगी। बैंकों को इस नियम का पालन 10 अप्रैल तक करना होगा। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे बैंकों की स्पेकुलेटिव डॉलर पोजिशन सीमित होगी और रुपये में अचानक गिरावट की संभावना कम हो सकती है।
पिछले कुछ समय से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।
27 मार्च को रुपया डॉलर के मुकाबले 94.84 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। पिछले 10 ट्रेडिंग सेशंस में से 5 में रुपया नया लो बना चुका है।
ऐसे हालात में रुपया जल्द ही 95 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।
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NOP-INR यानी नेट ओपन पोजिशन बैंकों के विदेशी मुद्रा एक्सपोजर को दर्शाता है।
पहले बैंकों को अपने बोर्ड की मंजूरी से NOP तय करने की छूट थी लेकिन अब RBI ने इस पर सख्त सीमा तय कर दी है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक बैंक अक्सर बड़े फॉरेक्स पोजिशन रखते हैं जिनमें कुछ हेज्ड होते हैं और कुछ आर्बिट्राज के लिए।
RBI का यह कदम ऐसे ही अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए उठाया गया है।
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इस फैसले से
हालांकि जब तक ग्लोबल स्तर पर तनाव और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तब तक रुपये पर दबाव बना रह सकता है।