भारत ने अपनी रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने शुक्रवार को हुई अहम बैठक में करीब ₹2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों को मंजूरी दे दी। इसमें S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त बैटरी खरीदने समेत कई बड़े फैसले शामिल हैं।
भारत ने 2018 में रूस के साथ करीब ₹40,000 करोड़ की डील कर S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदा था। इसके तहत देश को 5 स्क्वाड्रन मिलने हैं, जिनकी डिलीवरी 2021 से शुरू हो चुकी है। अब DAC ने इसकी अतिरिक्त बैटरी खरीदने को मंजूरी देकर देश की वायु सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला लिया है।
बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे जो पुराने AN-32 और IL-76 विमानों की जगह लेंगे। इससे वायुसेना की रणनीतिक और ऑपरेशनल एयरलिफ्ट क्षमता में बड़ा सुधार होगा। इसके अलावा, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट को भी मंजूरी दी गई है। ये एयरक्राफ्ट दुश्मन के खिलाफ सटीक हमला करने, निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने में मदद करेंगे। साथ ही Su-30 विमानों के इंजन एग्रीगेट्स के ओवरहॉल को भी मंजूरी मिली है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और ऑपरेशनल लाइफ बढ़ेगी।
DAC की बैठक में भारतीय सेना के लिए भी कई अहम खरीद को हरी झंडी दी गई।
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बैठक में भारतीय तटरक्षक बल के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। ये व्हीकल्स हाई-स्पीड तटीय पेट्रोलिंग, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन और लॉजिस्टिक सपोर्ट में अहम भूमिका निभाएंगे।
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मिडिल ईस्ट समेत वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को तेजी से अपग्रेड कर रहा है। S-400 जैसे एडवांस सिस्टम और नए एयरक्राफ्ट की खरीद से देश की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। इस फैसले से साफ है कि सरकार वायुसेना, थलसेना और तटरक्षक बल तीनों की ताकत को एक साथ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है ताकि किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना किया जा सके।