अमेरिका में मोहन भागवत का बड़ा कार्यक्रम, 5 हजार लोगों को करेंगे संबोधित; विरोध करने वाले संगठनों ने उठाए सवाल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं। न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। शुक्रवार को भागवत ने न्यूयॉर्क स्थित ISKCON मंदिर का दौरा किया और वहां बेघर लोगों के लिए चलाए जा रहे भोजन वितरण कार्यक्रम में भी भाग लिया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कृष्ण चेतना और मानवता की एकता पर बात की। उन्होंने कहा कि कृष्ण चेतना का संदेश दुनिया में मौजूद मतभेदों और आपसी दूरियों को कम करने में मदद कर सकता है। अब उनके अमेरिका दौरे का सबसे बड़ा कार्यक्रम 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाला है, जहां वह भारतीय मूल के लोगों और अन्य लोगों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
ISKCON मंदिर पहुंचे मोहन भागवत
अमेरिका दौरे के दौरान मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के ISKCON मंदिर का दौरा किया। यहां उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने बेघर और जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि कृष्ण चेतना केवल धार्मिक विचार नहीं है, बल्कि यह लोगों को जोड़ने और मानवता की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी बन सकती है।
आज मैडिसन स्क्वायर गार्डन में बड़ी सभा
मोहन भागवत का सबसे चर्चित कार्यक्रम न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित किया जा रहा है। यहां वह करीब 5 हजार लोगों की सभा को संबोधित करेंगे। RSS की ओर से कहा गया है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य खुली बातचीत और संवाद को बढ़ावा देना है। संघ का मानना है कि जो लोग RSS और उसके विचारों को समझना चाहते हैं, वे इस चर्चा में शामिल हो सकते हैं। यह कार्यक्रम RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। RSS अपने 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अलग-अलग देशों में भारतीय समुदाय और अन्य लोगों से संपर्क कर रहा है।
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कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क में विरोध
मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क में विरोध भी देखने को मिल रहा है। कई नागरिक अधिकार और अंतरधार्मिक संगठनों ने इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है। हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल और इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क सहित कई संगठनों ने कार्यक्रम का विरोध किया है। इन संगठनों ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन के प्रबंधन से कार्यक्रम रद्द करने की मांग की है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि वे RSS और उसके विचारों को लेकर अपनी अलग राय रखते हैं। हालांकि, RSS की ओर से कहा गया है कि कार्यक्रम को संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
न्यूयॉर्क के मेयर ने भी जताई असहमति
मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम पर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से RSS के कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि निजी तौर पर आयोजित किसी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं। यानी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं, लेकिन फिलहाल कार्यक्रम अपने तय समय के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।
कंपनियों के बड़े अधिकारियों से भी की मुलाकात
अमेरिका दौरे के दौरान मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में एक गोलमेज बैठक में भी हिस्सा लिया। इस बैठक में अलग-अलग कंपनियों और क्षेत्रों से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्यमी मौजूद थे। बैठक के दौरान भारत के भविष्य, युवाओं, तकनीक और नए अवसरों जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई एक भारतीय-अमेरिकी उद्यमी ने भारतीय युवाओं को लेकर मोहन भागवत के भरोसे का जिक्र किया। उन्होंने भागवत को भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों का समर्थक बताया।
क्वांटम कंप्यूटिंग से अंतरिक्ष तक हुई चर्चा
बैठक में शामिल सिलिकॉन वैली की उद्यमी आशा जडेजा मोटवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मोहन भागवत के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बातचीत केवल सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधुनिक तकनीक और भविष्य की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया
RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़ा है अमेरिका दौरा
मोहन भागवत की यह विदेश यात्रा RSS के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चल रहे वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है। RSS प्रमुख मंगलवार को अमेरिका पहुंचे थे। अमेरिका में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद उनके कनाडा और ब्रिटेन जाने की भी योजना है। अमेरिका में मोहन भागवत के कार्यक्रमों की मेजबानी अहेड फोरम कर रहा है। सार्वजनिक नीति और शोध से जुड़ी यह संस्था ‘सार्वभौमिक एकता उत्सव’ के नाम से कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ के संदेश पर जोर
अहेड फोरम के अनुसार, मोहन भागवत की यात्रा का उद्देश्य भारत के प्राचीन विचार ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के संदेश को दुनिया तक पहुंचाना है। इस विचार का अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। आयोजकों का कहना है कि आज के समय में लोगों को जाति, धर्म, देश और अन्य आधारों पर होने वाले मतभेदों से ऊपर उठकर मानवता और एकता की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।
विरोध के बीच मोहन भागवत के कार्यक्रम पर नजर
मोहन भागवत का न्यूयॉर्क दौरा कई कारणों से चर्चा में है। एक तरफ वह ISKCON मंदिर में सेवा कार्यों में शामिल हुए और तकनीक व भारत के भविष्य जैसे विषयों पर उद्यमियों से चर्चा की। दूसरी तरफ मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले उनके कार्यक्रम को लेकर विरोध भी जारी है।



















