PU Special :MP पुलिस में ASI से SI प्रमोशन अटका, 16 साल से टू-स्टार लगने का इंतजार; रिव्यू DPC के बाद भी संशोधित सूची का इंतजार

'हम पुलिस वाले हैं...वर्दी हमें बोलने नहीं देती। ड्यूटी में गलती हो तो जवाब देना पड़ता है और शिकायत करना अनुशासनहीनता मान लिया जाता है।' यह दर्द उन सहायक उप निरीक्षकों का है, जिन्हें जुलाई 2026 में एएसआई से एसआई पद पर पदोन्नति मिलनी थी, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड और एसीआर से जुड़ी विसंगतियों के कारण मामला अटक गया। अगस्त में रिव्यू डीपीसी हो चुकी है, लेकिन संशोधित पदोन्नति सूची अब तक जारी नहीं हुई है।
MP पुलिस में ASI से SI प्रमोशन अटका, 16 साल से टू-स्टार लगने का इंतजार; रिव्यू DPC के बाद भी संशोधित सूची का इंतजार
MP पुलिस में ASI से SI प्रमोशन अटका

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। नाम न छापने की शर्त पर एक एएसआई ने बताया कि आरक्षक से भर्ती होकर 16 साल में सहायक उप निरीक्षक तक पहुंचे और अब कंधे पर दो स्टार लगने का इंतजार है। उनका दावा है कि प्रदेश में करीब 200 एएसआई ऐसे हैं, जिनका प्रमोशन विसंगतियों के कारण अटका है। संशोधित सूची में देरी हुई तो जुलाई में पदोन्नति पाने वालों की तुलना में वरिष्ठता प्रभावित होने की आशंका है। जुलाई में पुलिस मुख्यालय ने एएसआई से एसआई पदोन्नति के लिए 2,035 नामों की सूची जारी की थी।

2,035 नामों की सूची में रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल

पुलिस मुख्यालय ने जुलाई में एएसआई से एसआई पदोन्नति के लिए 2,035 नामों की सूची जारी की। जबलपुर के एएसआई दानी सिंह परते ने सूची में अपना नाम नहीं देखा। पीएचक्यू में जानकारी लेने पर पता चला कि रिकॉर्ड में उन्हें वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त दिखाया गया है। इसके बाद साथियों को जानकारी मिली तो जबलपुर एसपी के पास 30-35 एएसआई पहुंचे और विसंगतियां दूर करने के लिए पीएचक्यू को पत्र भेजा गया।

ये भी पढ़ें: 'टॉक्सिक' ने रक्षाबंधन पर मचाया धमाल, यश की फिल्म ने पार किया 160 करोड़ का आंकड़ा

कहीं ACR नहीं पहुंची,कहीं नौकरी में रहने वालों को रिटायर्ड दिखाया

पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान कुछ एएसआई की एसीआर जिलों से समय पर पीएचक्यू नहीं पहुंची। वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम भी पदोन्नति सूची में शामिल होने की बात सामने आई, जबकि नौकरी में रहने वाले कुछ कर्मचारियों को रिकॉर्ड में सेवानिवृत्त दर्ज कर दिया गया। इसके अलावा गंभीर दंड दर्ज होने के बावजूद कुछ कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने की बात भी सामने आई। इन विसंगतियों के कारण कई कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित हुई।

Breaking News

ACR के अंकों पर भी उठे सवाल

पदोन्नति में एसीआर की श्रेणी और अंकों को लेकर भी पुलिसकर्मियों में असंतोष है। एक एएसआई का आरोप है कि पांच साल की एसीआर में 'ख' श्रेणी मिलने पर अंक निर्धारित स्तर तक नहीं पहुंच पाते। उनका दावा है कि एसीआर में अधिकारियों की पसंद-नापसंद का असर होने से योग्य कर्मचारी भी पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि एसीआर के अंकों और श्रेणी की व्यवस्था को लेकर भी पारदर्शिता जरूरी है।

ये भी पढ़ें: क्या नियमितीकरण से पहले दैनिक वेतन भोगी सेवाएं पेंशन लाभ में जुड़ेंगी? हाईकोर्ट ने लार्जर बेंच को भेजा मामला

रिव्यू  DPC के बाद भी संशोधित सूची का इंतजार

विसंगतियां सामने आने के बाद रिव्यू डीपीसी कराई गई। संशोधित सूची अगस्त में जारी होने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक आदेश नहीं हुआ है। सितंबर में वर्ष 2027 की पदोन्नति प्रक्रिया के लिए फिर डीपीसी प्रस्तावित होने की बात कही जा रही है। डीआईजी प्रशासन पीएचक्यू रियाज इकबाल ने कहा कि जिन कर्मचारियों के एसीआर सहित अन्य दस्तावेज जिलों से आ गए हैं, उनका परीक्षण कर प्रमोशन किया जा रहा है और सूची क्रम अनुसार जारी की जा रही है। कुछ कर्मचारियों के रिकॉर्ड जिलों से नहीं मिलने के कारण प्रमोशन अटके हैं और जिलों को रिमाइंडर भेजे गए हैं। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Latest Posts