मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ को राज्य में टैक्स-फ्री करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के सिनेमाघरों में यह फिल्म बिना एंटरटेनमेंट टैक्स के दिखाई जाएगी, जिससे टिकट दरों में कमी आएगी और दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। सरकार के इस निर्णय के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
यह फिल्म ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ की 100 साल की यात्रा को दर्शाती है। कहानी 1925 में नागपुर में स्थापना से शुरू होकर संगठन के विस्तार और विभिन्न ऐतिहासिक पड़ावों तक जाती है। फिल्म में विचारधारा, सामाजिक गतिविधियों और संगठन के विकास को सिनेमाई रूप में पेश किया गया है। दर्शकों का कहना है कि यह एक डॉक्यूड्रामा शैली में तैयार की गई प्रस्तुति है, जो इतिहास के अहम पहलुओं को सामने लाती है।
सीएम मोहन यादव का कहना है कि यह फिल्म समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषय को सामने लाती है, इसलिए इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना चाहिए। सरकार का मानना है कि फिल्म टैक्स-फ्री होने से आम दर्शक कम कीमत में फिल्म देख पाएंगे और ऐतिहासिक विषय पर आधारित कंटेंट को प्रोत्साहन मिलेगा।
मध्यप्रदेश में इससे पहले भी कई फिल्मों को टैक्स-फ्री किया जा चुका है, खासकर वे फिल्में जो ऐतिहासिक, धार्मिक या सामाजिक विषयों से जुड़ी रही हैं। ‘शतक’ को टैक्स-फ्री करने के फैसले को कुछ लोग सांस्कृतिक पहल बता रहे हैं, जबकि विपक्षी हलकों में इसे राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि उद्देश्य सिर्फ फिल्म के विषय को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना है।
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टैक्स-फ्री होने के बाद आमतौर पर टिकट की कीमत में कमी आती है, जिससे दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे फिल्म के कलेक्शन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। अब इस बात पर नजर रहेगी कि टैक्स-फ्री दर्जा मिलने के बाद फिल्म को प्रदेश में कितना रिस्पॉन्स मिलेगा और क्या यह दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रहती है।
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