मोदी पर दबाव नहीं बना सकते!भारत- रूस का भरोसेमंद साझेदार, पुतिन का ट्रंप को सख्त संदेश...

मॉस्को। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव की वजह से भारत समेत कई देशों में ईंधन की कमी आ रही है। दूसरी ओर अमेरिका द्वारा होर्मुज में किए कुछ हमलों से जहाज नष्ट हो गई। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत से अपने रिश्तों को लेकर अहम बयान दिया है। पुतिन ने कहा कि अमेरिका भारत पर रूस के साथ बने रिश्ते सहित कई मुद्दों पर दबाव बनाने की कोशिश में लगा है, लेकिन इस तरह की कोशिश का कोई अर्थ नहीं, ये सारे प्रयास बेकार है भारत इसका विरोध करेगा।
भारत- रूस रिश्तों मजबूत नींव पर टिके हैं- पुतिन
पुतिन ने आगे कहा कि भारत अपने देश और लोगों के हितों को प्राथमिकता देता है। बता दें पुतिन ने यह बातें PTI समेत दुनिया की प्रमुख न्यूज एजेंसियों के हेड से बातचीत में कही है। वहीं अमेरिका से उसके बढ़ते संबंधों से भारत- रूस की पार्टनरशिप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि भारत- रूस के रिश्तों का अमेरिका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पुतिन के इस संदेश ने अमेरिका को झटका दिया होगा, चूंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने कुछ बयानों में कह चुके हैं कि उनका देश दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाकर कई गुना मुनाफा कमा रहा है।
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भारत- रूस के बीच बिजनेस 100 डॉलर पहुंचेगा
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हमें खुशी है कि भारत दुनियाभर में उन देशों से अपनी दोस्ती और संबंध मजबूत कर रहा है जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी मानता है। पुतिन ने दोनों देशों केबीच भरोसा जताकर कहा कि उन्हें विश्वास है कि आने वाले सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
सितंबर में भारत आ रहे पुतिन
- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स 2026 में हिस्सा लेंगे।
- इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है।
- एक साल के भीतर यह पुतिन का दूसरा भारत दौरा होगा।
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प्रधानमंत्री भी इसी साल रूस की यात्रा करेंगे
- दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
- दिसंबर 2025 में हुई थी पिछली शिखर वार्ता
- पुतिन 4 दिसंबर 2025 को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आए थे।
- यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा था।
- इससे पहले पुतिन आखिरी बार 2021 में भारत आए थे।
दिल्ली पहुंचने पर मोदी और पुतिन एक ही कार में प्रधानमंत्री आवास गए थे, जिसकी तस्वीरें काफी चर्चा में रहीं।
दिसंबर 2025 के प्रमुख भारत-रूस समझौते
1. ऊर्जा सहयोग
रूस ने भारत को निरंतर और निर्बाध ईंधन आपूर्ति का भरोसा दिया।
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने पर सहमति बनी।
2. औद्योगिक साझेदारी
भारतीय कंपनियों और URALCHEM के बीच रूस में यूरिया प्लांट स्थापित करने का समझौता हुआ।
3. खाद्य सुरक्षा
FSSAI फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए समझौता हुआ।
4. स्वास्थ्य क्षेत्र सहयोग
मेडिकल रिसर्च, हेल्थ सर्विस और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
5. समुद्री लॉजिस्टिक्स
बंदरगाह विकास और शिपिंग संचालन में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता हुआ।
6. माइग्रेशन और मोबिलिटी
दोनों देशों ने लोगों की आवाजाही आसान बनाने और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल करने पर सहमति जताई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
- भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।
- ऊर्जा, व्यापार, रक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।
- BRICS मंच पर वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच समन्वय मजबूत होगा











