Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

दुलारचंद यादव हत्याकांड में बड़ा एक्शन :बाहुबली नेता अनंत सिंह गिरफ्तार, SSP बोले- हत्या के वक्त मौके पर मौजूद थे

Follow on Google News
बाहुबली नेता अनंत सिंह गिरफ्तार, SSP बोले- हत्या के वक्त मौके पर मौजूद थे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर बाहुबली नेता अनंत सिंह का नाम सुर्खियों में है। शनिवार की देर रात पटना पुलिस ने आरजेडी नेता दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में जेडीयू उम्मीदवार और पूर्व विधायक अनंत सिंह को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में हुई, जिसमें करीब 150 पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने देर रात बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना स्थित कारगिल चौक पर अनंत सिंह के घर को चारों ओर से घेरकर यह गिरफ्तारी की।

    गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह बोले- सत्यमेव जयते

    गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही अनंत सिंह के आधिकारिक फेसबुक पेज से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें लिखा गया- सत्यमेव जयते!! मुझे मोकामा की जनता पर पूरा भरोसा है। अब चुनाव मोकामा की जनता लड़ेगी। इस पोस्ट के बाद उनके समर्थकों में हलचल मच गई। गिरफ्तारी के वक्त अनंत सिंह सफेद शर्ट-पैंट और चश्मा लगाए अपने समर्थकों से घिरे नजर आए। बताया जा रहा है कि, वे दिनभर चुनाव प्रचार में व्यस्त थे और देर रात पुलिस उन्हें घर से सीधे पटना लेकर आई।

    पटना SSP बोले- हत्या के वक्त मौके पर थे अनंत सिंह

    पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, 30 अक्टूबर को मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तारतर गांव में दो प्रत्याशियों के समर्थकों में झड़प हुई थी। इस दौरान पथराव और मारपीट में कई लोग घायल हुए और आरजेडी नेता दुलारचंद यादव (76) की मौत हो गई।

    उन्होंने कहा कि, जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ है कि घटना के वक्त अनंत सिंह मौके पर मौजूद थे। हत्या की साजिश सोची-समझी थी। अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उनके साथ मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी गिरफ्तार किया गया है।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने दुलारचंद यादव की हत्या की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक-

    • शरीर पर कई जगह गहरे घाव और चोटों के निशान थे।
    • फेफड़े (लंग्स) फटने से भारी मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई।
    • छाती की कई पसलियां टूटी हुई थीं।
    • सिर, घुटने और पीठ पर भी गहरी चोटें थीं।

    रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियो-पल्मोनरी फेल्योर विद ब्लंट इंजरी टू चेस्ट एंड हेड बताया गया है। इसका मतलब है कि, सिर और छाती पर इतनी जोरदार चोटें लगीं कि हृदय और सांस प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया।

    चार FIR दर्ज, कई गिरफ्तारियां

    पटना पुलिस ने इस मामले में अब तक चार एफआईआर दर्ज की हैं।

    पहली - मृतक के पोते नीरज कुमार द्वारा

    दूसरी - अनंत सिंह के समर्थक जितेंद्र कुमार द्वारा

    तीसरी - पुलिस की ओर से अपने बयान पर

    चौथी - पत्थरबाजी और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी

    पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल मोकामा क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

    DM बोले- कानून तोड़ने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा

    पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, हमने पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 100% हथियार जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं और हर विधानसभा क्षेत्र में 50 से ज्यादा चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं।

    डीएम ने साफ कहा कि, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

    अनंत सिंह का आपराधिक इतिहास

    उम्र: 64 साल

    पार्टी: जेडीयू (इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार)

    संपत्ति: लगभग 100 करोड़ रुपए (हलफनामे के अनुसार)

    क्रिमिनल केस: 28

    करियर:

    • 2005 में पहली बार JDU टिकट पर विधायक चुने गए।
    • 2010 में दोबारा जीते।
    • 2015 में पार्टी छोड़ RJD में शामिल हुए।
    • 2020 में RJD टिकट से तीसरी बार विधायक बने।
    • 2022 में अवैध हथियार मामले में अयोग्य घोषित हुए।
    • 2024 में पटना हाईकोर्ट से बरी हुए।

    अनंत सिंह को ‘बाहुबली’ के रूप में जाना जाता है और उनका नाम बिहार की कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक घटनाओं में जुड़ चुका है।

    तेजस्वी ने कसा तंज, विपक्ष ने उठाए सवाल

    अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद सियासत भी गर्मा गई है। तेजस्वी यादव ने कहा कि, चुनाव आयोग मर चुका है क्या? एनडीए उम्मीदवार खुलेआम बंदूक और काफिले के साथ प्रचार कर रहे हैं और हत्या के आरोपी थाने के सामने से गुजर रहे हैं।

    वहीं जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने कहा कि, देर से सही, लेकिन कार्रवाई स्वागतयोग्य है। अगर FIR के तुरंत बाद गिरफ्तारी होती तो यह स्थिति नहीं बनती।

    चुनाव से पहले प्रशासन अलर्ट

    हत्या और गिरफ्तारी के बाद मोकामा में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। सभी प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी है और CAPF के जवान पुलिस के साथ गश्त कर रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता अब चुनाव को हिंसा-मुक्त और निष्पक्ष कराना है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    Latest Posts