क्रिकेट कोई शेयर मार्केट नहीं :यह T-20 बल्लेबाजों का खेल, वर्ल्ड कप जीत के बाद इंटरव्यू में बोले गौतम गंभीर

गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि ICC टूर्नामेंट के दौरान पिचों की जिम्मेदारी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की होती है, न कि BCCI की। इसलिए यह कहना कि भारत अपने फायदे के लिए विकेट तैयार करता है, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
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यह T-20 बल्लेबाजों का खेल, वर्ल्ड कप जीत के बाद इंटरव्यू में बोले गौतम गंभीर
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के बाद कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में टीम इंडिया के हेड कोच ने भारतीय पिचों को लेकर उठे सवालों, अपनी कोचिंग शैली और टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टी-20 क्रिकेट अब पूरी तरह बल्लेबाजों का खेल बन चुका है और दुनिया भर में बड़े स्कोर बनना आम बात हो गई है।

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    गंभीर ने यह भी कहा कि भारत ने सिर्फ घरेलू मैदानों पर ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी 200 से ज्यादा रन बनाए हैं। इसलिए भारतीय पिचों को लेकर उठने वाले आरोप पूरी तरह से गलत हैं।

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    भारत अपने फायदे के लिए कभी पिच में हस्तक्षेप नहीं करता

    भारतीय पिचों को लेकर लग रहे आरोपों पर गंभीर ने साफ कहा कि यह कहना गलत है कि भारत अपने फायदे के लिए विकेट तैयार करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान अक्सर विवाद और टीआरपी पाने के लिए दिए जाते हैं।

    गंभीर के मुताबिक टी-20 क्रिकेट का स्वरूप बदल चुका है और अब यह बल्लेबाजों का खेल बन गया है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में भी हाई स्कोरिंग मैच आम हो गए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में भी 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया है, इसलिए इसे सिर्फ भारतीय पिचों से जोड़ना सही नहीं है।

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    ICC टूर्नामेंट में BCCI का रोल नहीं

    गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि ICC टूर्नामेंट के दौरान पिचों की जिम्मेदारी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की होती है, न कि BCCI की। इसलिए यह कहना कि भारत अपने फायदे के लिए विकेट तैयार करता है, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

    उन्होंने कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि उस पिच पर भारत ने करीब 180 रन बनाए थे, जबकि अन्य टीमें उसी विकेट पर 140 के आसपास ही सिमट गई थीं। इसके बावजूद उस समय किसी ने पिच पर सवाल नहीं उठाए।

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    सिर्फ आंकड़ो पर नहीं, सोच पर भी निर्भर

    कोचिंग स्टाइल को लेकर गंभीर ने कहा कि वह फैसले लेते समय सिर्फ आंकड़ों पर निर्भर नहीं रहते। उनका मानना है कि हर कोच की अपनी सोच और नजरिया होता है, इसलिए कई बार अनुभव और समझ भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “अगर मुझे लगता है कि कोई फैसला टीम के लिए सही है तो मैं उस पर कायम रहता हूं। अगर वह गलत साबित होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी स्वीकार करता हूं।” गंभीर के मुताबिक टीम का खेल, उसका व्यवहार और ड्रेसिंग रूम का माहौल उनके विजन का हिस्सा है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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