अशोक गौतम, भोपाल। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में बाहरी वाहनों के दबाव को काम करने सभी शहरों में रिंड रोड बनाईं जाएंगी। इसकी शुरुआत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन से की जाएगी। इन सड़कों को बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च की जाएगी। रिंग रोड बनाने से जहां माल वाहन बिना रुके और नो एंट्री के आना-जाना कर सकेंगे।
शहर में नहीं करना पड़ेगा प्रवेश
रिंग रोड बनने से एक शहर से दूसरे शहरों तक माल पहुंचाने में आसानी होगी। वर्तमान में शहरों में रात 10-11 बजे तक नो एंट्री होने से बड़े वाहनों को नो एंट्री समाप्त होने का इंतजार करना पड़ता है। रिंग रोड से शहरों के अंदर बड़े हादसों की संख्या को कम किया जा सकेगा, क्योंकि बड़े वाहनों को शहर में बिना प्रवेश के बाहर निकाला जा सकेगा। इसके अलावा शहरों के लिए भी यह रिंग रोड एक दूसरे विकल्प के रूप में काम करेगा।
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उज्जैन रिंग रोड
- लागत लगभग 160 करोड़ रुपए
- लंबाई 25 किमी
- रूट धरमबड़ला से सोड़ंग, आबूखेड़ी,नईखेड़ी से कालियादेह महल तक
- कनेक्टिविटी पंचक्रोशी मार्ग और उज्जैन गरोठ फोरलेन से जुड़ाव
- एमआर-21 महेश विहार से जीवनखेड़ी सिकंदरी तक वैकल्पिक मार्ग
ग्वालियर रिंग रोड
- लंबाई 28 किमी रिंग रोड + 13.85 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर
- लागत करीब 1300 करोड़ रुपए
- उद्देश्य ट्रैफिक दबाव कम करना
- प्रगति स्वर्णरेखा नदी किनारे 99 मीटर सड़क, अतिक्रमण हट रहा
- सुविधाएं पुल, पुलिया और पार्किंग का विकास
जबलपुर रिंग रोड
- लंबाई 112-118 किमी, 4-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे
- लागत 3000-4000 करोड़
- कनेक्टिविटी एयरपोर्ट और परिधीय कस्बों से जुड़ाव
- प्रमुख संरचना नर्मदा नदी पर 750 मीटर पुल
- लक्ष्य 2027 तक निर्माण पूर्ण
- उद्देश्य ट्रैफिक कम करना और विकास को गति देना
- प्रगति निर्माण कार्य जारी
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भोपाल रिंग रोड
- लंबाई 31.61 किमी
- लागत 3225.51 करोड़ रुपए
- रूट मंडीदीप, कोलार रातीबड़, फंदा कलां
- उद्देश्य ट्रैफिक कम करना, समय में 1 घंटे से अधिक की बचत
- मॉडल हाइब्रिड एन्युटी
- विशेषता रातापानी क्षेत्र में एलिवेटेड कॉरिडोर व साउंड प्रूफिंग
इंदौर रिंग रोड
- पश्चिमी रिंग रोड 64 किमी, 6-लेन
- पैकेज-1 पीथमपुर-हातोद (30 किमी)
- पैकेज-2 हातोद-डकाच्या-देवास (32 किमी)
- पूर्वी रिंग रोड 85 किमी, 44 गांव प्रभावित
- लागत 3000+ करोड़ रुपए
- विशेषता 11+ फ्लायओवर, 4 नदियों पर निर्माण
- स्थिति भूमि अधिग्रहण जारी
सागर रिंग रोड
- लंबाई 28 किमी (गढ़पहरा-बेरखेड़ी गुरु)
- उद्देश्य भारी वाहनों का दबाव कम करना
- कनेक्टिविटी भोपाल, लखनादौन, कानपुर ठऌ से जुड़ाव
- लाभ यात्रा समय 2 घंटे से घटकर 30 मिनट
- स्थिति 2026 तक पूर्ण होने की संभावना
- लागत 287 करोड़ रुपए