मारुति की पहली फ्लेक्स-फ्यूल वैगन-आर लॉन्च :85% एथेनॉल वाले E85 ईंधन पर चलेगी, सरकार ने 5000 पंप लगाने का रखा लक्ष्य

नई दिल्ली। देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मारुति सुजुकी ने भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार वैगन-आर को पेश कर दिया है। यह कार E85 फ्यूल पर चलने में सक्षम है, जिसमें 85 प्रतिशत तक एथेनॉल और बाकी पेट्रोल का मिश्रण होता है। कंपनी ने फिलहाल इस मॉडल को आम ग्राहकों के लिए नहीं उतारा है। शुरुआती दौर में यह कार फ्लीट ऑपरेटर्स और ओला-उबर जैसी कैब सेवा कंपनियों को उपलब्ध कराई जाएगी। मारुति सुजुकी ने अभी इस कार की कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें किए गए विशेष तकनीकी बदलावों के कारण इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल और सीएनजी मॉडल से कुछ अधिक हो सकती है।
2027 तक 5000 E85 फ्यूल स्टेशन लगाने की तैयारी
कार के लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार एथेनॉल आधारित ईंधन के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 के अंत तक देशभर में लगभग 5000 E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में 50 से 100 E85 स्टेशन शुरू किए जाएंगे। इसके बाद दिसंबर तक इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 500 कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि E85 ईंधन की कीमत मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में कम रखने का प्रयास किया जाएगा, जिससे लोगों को सस्ता ईंधन उपलब्ध हो सके।
पहली बार प्रोडक्शन मॉडल के रूप में आई सामने
वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल इससे पहले 2022 और 2024 में आयोजित ऑटो और मोबिलिटी एक्सपो में दिखाई गई थी, लेकिन तब यह केवल प्रोटोटाइप मॉडल थी। अब पहली बार कंपनी ने इसका उत्पादन के लिए तैयार मॉडल पेश किया है। इससे संकेत मिलता है कि भारत में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को अब व्यावसायिक स्तर पर अपनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
डिजाइन वही, लेकिन तकनीक पूरी तरह नई
नई वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल का लुक और डिजाइन काफी हद तक मौजूदा वैगन-आर जैसा ही है। कार में वही टॉल-बॉय डिजाइन, बड़े हेडलैंप, चौड़ी ग्रिल और आकर्षक बॉडी स्टाइल देखने को मिलती है। हालांकि, इसे E85 ईंधन के अनुकूल बनाने के लिए इंजन और फ्यूल सिस्टम में कई जरूरी बदलाव किए गए हैं। कार के बाहरी हिस्से पर फ्लेक्स-फ्यूल बैजिंग दी गई है, जिससे यह सामान्य मॉडल से अलग पहचान बनाती है। कंपनी का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में स्वच्छ और कम लागत वाले ईंधन विकल्पों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
ये भी पढ़ें: Dreambeans : अब बेवजह घंटों स्क्रॉलिंग नहीं, आपकी पसंद के हिसाब से हर सुबह खास जानकारी देगा नया AI ऐप
पेट्रोल पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल आधारित ईंधन के बढ़ते उपयोग से देश की पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। साथ ही गन्ने और अन्य फसलों से बनने वाले एथेनॉल की मांग बढ़ने से किसानों को भी फायदा मिलेगा। ऐसे में मारुति की यह नई फ्लेक्स-फ्यूल वैगन-आर सिर्फ एक नई कार नहीं, बल्कि भारत के ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।












