Reliance Jio IPO का इंतजार खत्म!आज SEBI के पास दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपर्स, मुकेश अंबानी ने AGM में किया बड़ा ऐलान

देश के सबसे चर्चित आईपीओ में शामिल रिलायंस जियो IPO को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में घोषणा की कि जियो के आईपीओ के लिए 19 जून को SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया जाएगा। इसके साथ ही जियो की शेयर बाजार में लिस्टिंग की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि रिलायंस ने पिछले साल ही जियो के आईपीओ का संकेत दिया था और बताया था कि कंपनी को 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जा सकता है।
रिलायंस रिटेल IPO पर भी रहेगी नजर
जियो के साथ-साथ निवेशकों की नजर अब रिलायंस रिटेल पर भी टिकी हुई है। माना जा रहा है कि AGM के दौरान या आने वाले समय में कंपनी अपने रिटेल कारोबार की लिस्टिंग को लेकर भी बड़ा ऐलान कर सकती है। रिलायंस रिटेल लगातार नए स्टोर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्विक-कॉमर्स कारोबार के जरिए तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी आज देश के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में शामिल है और इसे रिलायंस समूह का प्रमुख ग्रोथ इंजन माना जाता है।
जियो और रिटेल ने पूरे किए अहम पड़ाव
AGM में मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने अपनी स्थापना के 10 साल पूरे कर लिए हैं और यह भारत के डिजिटल व AI रिवॉल्यूशन का प्रमुख आधार बन चुका है। वहीं Reliance Retail ने भी 20 साल पूरे कर लिए हैं और संगठित रिटेल सेक्टर में नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दोनों कारोबार अपने-अपने क्षेत्रों में नंबर-1 की स्थिति में हैं और आने वाले वर्षों में भी ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं रखते हैं।
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चौथी तिमाही में मुनाफा घटा, राजस्व बढ़ा
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट प्रॉफिट 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 19,407 करोड़ रुपये था। हालांकि कंपनी के कारोबार में मजबूती बनी रही। चौथी तिमाही में राजस्व 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया जो एक साल पहले इसी अवधि में 2.64 लाख करोड़ रुपये था।
क्या होता है DRHP?
DRHP यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस वह शुरुआती दस्तावेज होता है जिसे कोई भी कंपनी आईपीओ लाने से पहले SEBI के पास जमा करती है। इसमें कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रदर्शन, प्रमोटर्स, जोखिम और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी होती है। SEBI की मंजूरी मिलने के बाद ही कंपनी अपना IPO लॉन्च कर सकती है।
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निवेशकों की निगाहें IPO टाइमलाइन पर
जियो के DRHP दाखिल होने के साथ ही अब निवेशकों की नजर SEBI की मंजूरी, IPO के आकार और संभावित लिस्टिंग टाइमलाइन पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है।












