नवरात्रि का आगमन हर हिंदू परिवार के लिए उत्सव और भक्ति का प्रतीक होता है। इसे सिर्फ माता का स्वागत नहीं बल्कि हर दिन की अलग ऊर्जा और महत्व के रूप में भी माना जाता है। वहीं इस नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा होती के इसके साथ ही इस दिन हिंदू नववर्ष भी मनाया जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च तक रहेंगे।
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नवरात्रि के शुरुआत का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दिन के हिसाब से माता रानी के आगमन का वाहन तय किया जाता है। इस साल नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार के दिन से हो रही है, यानी इस बार मां दुर्गा की सवारी डोली या पालकी रहेगी। इसका मतलब है कि मां दुर्गा इंसान के कंधों पर सवार होकर आएंगी।
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गुरुवार को माता का वाहन पालकी या डोली होता है। लेकिन मां दुर्गा का पालकी पर आना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि माता रानी का जब भी पालकी या डोली पर आगमन होता है तो देश-दुनिया में बीमारी या महामारी फैलने का खतरा होता है। यह कारोबार और देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी नकारात्मक साबित हो सकती है।
नवरात्रि काव अंतिम दिन 27 मार्च 2026 हैं। शुक्रवार को माता का वाहन हाथी होता है तो धर्म-शास्त्रों के अनुसार मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करना शुभ होता है। यह अच्छी फसल आने का संकेत देता है। साथ ही इससे धन-संपदा बढ़ती है और मां दुर्गा जाते-जाते धन-समृद्धि का आशीर्वाद देकर जाता हैं।

हिंदू धर्म में माता के आगमन और प्रस्थान के दिनों का बहुत खास महत्व होता है। अलग अलग दिन के अनुसार उनको अलग अलग वाहन से लाया जाता है। यानी अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरु होती है तो माता का वाहन हाथी होता है, वहीं माता गुरुवार और शुक्रवार को पालकी या डोली से आतीं हैं। बुधवार को माता की आगमन नाव द्वारा किया जाता है और अगर शनिवार और मंगलवार से शुरुआत होती है तो वह घोड़े पर सवार होकर आती हैं।