राजगढ़ में नामांतरण के बदले रिश्वत लेते हुए महिला पटवारी लोकायुक्त की गिरफ्त में

जीरापुर। राजगढ़ जिले के जीरापुर क्षेत्र में नामांतरण के बदले रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस, भोपाल संभाग की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए हल्का नंबर 78, ग्राम खेजड़िया की महिला पटवारी सीमा दांगी को 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। एक माह के अंतराल में जीरापुर क्षेत्र में लोकायुक्त की यह दूसरी कार्रवाई बताई है।
खसरा के नामांतरण के लिए मांगे थे 7 हजार
लोकायुक्त के अनुसार ग्राम श्यामपुरा निवासी राम प्रसाद दांगी ने हल्का नंबर 78, ग्राम खेजड़िया में स्थित खसरा नंबर 407/1 की भूमि के नामांतरण के लिए आवेदन किया था। आवेदन की प्रगति जानने के लिए जब उन्होंने संबंधित पटवारी सीमा दांगी से संपर्क किया तो आरोप है कि पटवारी ने बिना पैसे के काम नहीं करने की बात कहते हुए नामांतरण की कार्रवाई के एवज में 7 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। आवेदक रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और उसने पटवारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग करते हुए लोकायुक्त भोपाल में लिखित शिकायत की।
शिकायत का सत्यापन कर बनाई ट्रैप की योजना
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल सुनील कुमार पाटीदार ने ट्रैप कार्रवाई के लिए दल गठित किया।
निजी कार्यालय में 7 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा
गुरुवार को उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित ट्रैप टीम ने कार्रवाई की। लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक महिला पटवारी सीमा दांगी को सह-आरोपी जमना प्रसाद उर्फ बबलू के माध्यम से उसके निजी कार्यालय, सिरपोई कॉलोनी, जीरापुर में 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
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लोकायुक्त टीम में ये रहे शामिल
लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि बरामद कर मौके पर आवश्यक कार्रवाई पूरी की। ट्रैप की कार्रवाई में निरीक्षक रजनी तिवारी, जीएस मर्सकोले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल तथा आरक्षक मनमोहन साहू, रवि शर्मा, प्रसेनजीत, हेमेन्द्र पाल, हिम्मत सिंह और रक्षा परमार शामिल रहे।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपीगण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बाद अब प्रकरण में अन्य तथ्यों और आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।
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