मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, 5 जिलों में 8 इंच तक बारिश का अलर्ट, कई गांव प्रभावित

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। इस बार बारिश का ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
अति भारी बारिश के अलावा कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। इनमें दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना शामिल हैं। वहीं भोपाल समेत प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी मौसम बदला रहेगा। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
20 से 24 अगस्त तक बदलेगा बारिश का असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में बारिश का पैटर्न लगातार बदल सकता है। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल में कई जगहों पर भारी से अति भारी बारिश हुई। अब 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का प्रभाव मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। यानी आने वाले दिनों में प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी बारिश बढ़ सकती है।
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नदियां-नाले उफान पर, कई जगह हालात बिगड़े
पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। सतना के तराई क्षेत्र में तेज बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी काफी बढ़ गया। पहाड़ी से पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाओं को बंद कर दिया है। सतना के कई इलाकों में बारिश और बाढ़ का पानी घरों और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने से लोगों को परेशानी हुई है।
डिंडोरी में 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा
डिंडोरी में तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं पन्ना के बृजपुर इलाके के कई गांवों में पानी भरने की सूचना है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के तीन गेट करीब 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रदेश में अभी भी सामान्य से कम बारिश
बारिश के दौर के बावजूद मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य आंकड़े से पीछे है। 1 जून से अब तक प्रदेश में करीब 583.4 मिलीमीटर यानी 23 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 663.7 मिलीमीटर यानी 26.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 3.1 इंच यानी 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 14% और पश्चिमी हिस्से में करीब 10% कम बारिश दर्ज की गई है।
39 जिलों में बारिश का आंकड़ा कम
प्रदेश के कुल 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी करीब 19% तक पहुंच गई है। इन संभागों के 18 जिलों में सामान्य के मुकाबले बारिश 4 से 58% तक कम दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5 से 39% तक कम बारिश हुई है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा
हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है। अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
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जून की कम बारिश का असर अब भी जारी
इस बार मानसून की शुरुआत में जून का महीना कमजोर रहा था। जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश दर्ज हुई। जुलाई में बारिश ने रफ्तार पकड़ी और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक जैसी स्थिति बनी। अगस्त में मानसून ने फिर जोर पकड़ा और अब महीने के आखिरी हिस्से में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश का दौर तेज हो गया है। इसके बावजूद पूरे सीजन का आंकड़ा अभी सामान्य से कम है।
पूरे सीजन में कितनी बारिश होती है?
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान औसतन करीब 37.3 इंच बारिश होती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है। फिलहाल आने वाले कुछ दिन मध्य प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। खासकर पूर्वी जिलों में लोगों को तेज बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।














