NH-347 के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला; किसानों ने मांगा चार गुना मुआवजा, सीएम ने दिया भरोसा

हरसूद/खालवा। रुधि-खंडवा बायां, आशापुर, रोशनी-पटाजन से बैतूल तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे क्रमांक-347 के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष अपनी बात रखी। मंगलवार को क्षेत्र के करीब 200 किसानों ने कैबिनेट मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। किसानों ने अधिग्रहित कृषि भूमि का वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार चार गुना मुआवजा दिलाने की मांग की।
कई गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि हो रही प्रभावित
रुधि से खालवा तहसील क्षेत्र के ग्राम जामनी गुर्जर, पटाजन सहित आसपास के कई गांवों में नेशनल हाईवे निर्माण के चलते किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन उन्हें भूमि के वास्तविक मूल्य की तुलना में कम मुआवजा मिलने की स्थिति बन रही है। किसानों के अनुसार भूमि अधिग्रहण के लिए वर्ष 2023 की गाइडलाइन के आधार पर मुआवजा निर्धारित किए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है।
किसानों ने मंत्री विजय शाह के सामने भी उठाया था मुद्दा
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने कुछ दिन पहले क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के समक्ष भी अपनी समस्या रखी थी। किसानों ने मंत्री को बताया था कि उनकी कृषि भूमि हाईवे निर्माण में जा रही है, लेकिन निर्धारित मुआवजा वर्तमान बाजार मूल्य और जमीन की वास्तविक कीमत की तुलना में कम है। किसानों ने मांग की थी कि उन्हें नई भूमि अधिग्रहण गाइडलाइन के अनुसार उचित मुआवजा दिलाया जाए।
2026 की गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा मांगा
मंगलवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में खंडवा विधानसभा क्षेत्र के रुधि, राई सहित हरसूद-खालवा विधानसभा क्षेत्र के जामनी गुर्जर, आशापुर, मछोंडी, खेड़ी, रजुर और अन्य प्रभावित गांवों के करीब 200 किसान शामिल रहे। किसानों ने मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखते हुए कहा कि नेशनल हाईवे निर्माण के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें भूमि अधिग्रहण की वर्ष 2026 की गाइडलाइन के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
ये भी पढ़ें: ‘मेरी जवानी और बेडरूम के सपने मत देखो बाबा जी!’ कंगना रनौत का बाबा रामदेव पर तीखा पलटवार
मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन-शीघ्र परीक्षण करवाएंगे
किसानों ने कहा कि कृषि भूमि के अधिग्रहण के बदले उन्हें वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए, ताकि जमीन जाने के बाद उनके सामने आने वाली आर्थिक समस्याओं का समाधान हो सके। किसानों की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें आश्वस्त किया कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े मामले का शीघ्र परीक्षण करवाया जाएगा। उन्होंने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ये भी पढ़ें: उज्जैन: सीएम डॉ. मोहन यादव ने विकास कार्यों का लिया जायजा, बोले- आपसी सहयोग से हो रहा विकास














