राज कपूर डेथ एनिवर्सरी:बॉलीवुड के ‘शोमैन’ का मध्यप्रदेश से था खास रिश्ता, रीवा के थे दामाद

2 जून 1988 को हिंदी सिनेमा ने अपना सबसे बड़ा शोमैन खो दिया था। अभिनेता, निर्माता और निर्देशक राज कपूर का नाम भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। आवारा, श्री 420 और मेरा नाम जोकर जैसी कालजयी फिल्मों से दुनिया भर में पहचान बनाने वाले राज कपूर का मध्यप्रदेश से भी एक बेहद खास और भावनात्मक रिश्ता था। बहुत कम लोग जानते हैं कि राज कपूर रीवा के दामाद थे। दिलचस्प बात यह है कि उनकी कार का नम्बर भी रीवा का था।
रीवा की कृष्णा से हुई थी शादी
राज कपूर का विवाह वर्ष 1946 में कृष्णा राज कपूर से हुआ था। कृष्णा राज कपूर रीवा के प्रतिष्ठित परिवार से थीं। उनके पिता करतार सिंह तत्कालीन विंध्य प्रदेश में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर थे।

रीवा में ही कृष्णा राज कपूर का बचपन बीता और यहीं पर उनका विवाह राज कपूर से संपन्न हुआ था। उस समय राज कपूर महज 20 वर्ष के थे जबकि कृष्णा की उम्र 16 वर्ष थी। यह शादी उस दौर की चर्चित शादियों में गिनी जाती थी और रीवा के लोग आज भी उस ऐतिहासिक विवाह को याद करते हैं।
राज कपूर के सम्मान में बना ऑडिटोरियम
कृष्णा राज कपूर और राज कपूर की यादों को संजोने के लिए रीवा में उसी स्थान पर भव्य कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम का निर्माण कराया गया है जहां दोनों का विवाह हुआ था। साल 2018 में रणधीर कपूर रीवा पहुंचे थे और उन्होंने इस ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया था। यह भवन आज भी कपूर परिवार और रीवा के रिश्ते की याद दिलाता है।
रीवा से इतना लगाव कि बेटी का नाम रखा रीमा
राज कपूर का रीवा से जुड़ाव सिर्फ रिश्तेदारी तक सीमित नहीं था। उन्हें इस शहर से गहरा भावनात्मक लगाव था। कहा जाता है कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम रीमा कपूर रखा जो रीवा के पुराने नाम ‘रीमा’ से प्रेरित था। यहां तक कि उनकी कार का नम्बर भी रीवा का था। इतना ही नहीं उनकी चर्चित फिल्म आह में भी रीवा का जिक्र देखने को मिलता है। फिल्म के एक यादगार दृश्य में राज कपूर का किरदार तांगे वाले से कहता है ‘मुझे रीवा जाना है’ जो उनके इस शहर के प्रति प्रेम को दर्शाता है।
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चार पीढ़ियों से चल रहा कपूर खानदान का जादू
राज कपूर हिंदी सिनेमा के उस कपूर परिवार से आते थे जिसकी चार पीढ़ियां फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं। उनके पिता पृथ्वीराज कपूर से शुरू हुई यह विरासत शम्मी कपूर, शशि कपूर, ऋषि कपूर, राजीव कपूर, करिश्मा कपूर,करीना कपूर और रणबीर कपूर तक पहुंची। आज भी कपूर खानदान हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली परिवारों में गिना जाता है।

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दुनिया को भारत का सिनेमा दिखाने वाले शोमैन
राज कपूर ने अपनी फिल्मों के जरिए भारतीय समाज, संघर्ष, प्रेम और मानवीय भावनाओं को ग्लोबल मंच पर पहुंचाया। सोवियत संघ से लेकर एशिया और यूरोप तक उनकी फिल्मों का जादू चला। इसी वजह से उन्हें हिंदी सिनेमा का ‘शोमैन’ कहा जाता है। 2 जून 1988 को उनके निधन के साथ एक युग का अंत हुआ लेकिन उनकी फिल्में और उनसे जुड़ी कहानियां आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। मध्यप्रदेश के रीवा से जुड़ा उनका रिश्ता भी उन्हीं यादों का एक अनमोल हिस्सा है।












