Sidhi Elephant Attack :हाथियों के हमले में बुजुर्ग दंपती की मौत, विस्थापन न होने से ग्रामीणों का हंगामा

सीधी। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब दो बजे कुसमी जनपद की ग्राम पंचायत गाजर के चिनगी गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने एक कच्चे मकान को ध्वस्त करते हुए उसमें सो रहे भैयालाल यादव (60) और उनकी पत्नी तिलिया यादव (58) को कुचल दिया। जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सुबह घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए शवों को उठाने से इनकार कर दिया और मौके पर जमकर हंगामा किया।
विस्थापन योजना का लाभ नहीं दिया
ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र हाथियों के रूट में आता है। पूर्व में कई परिवारों को वन क्षेत्र से विस्थापित किया गया, लेकिन मृतक परिवार सहित करीब 40 लोगों को विस्थापन योजना का लाभ नहीं मिला। इसके लिए एसडीएम कार्यालय में कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। करीब एक साल पहले सरकार ने विस्थापन पैकेज 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए प्रति व्यक्ति किया था, लेकिन प्रशासनिक विफलता के कारण ये परिवार आज भी खतरे के साए में जीने को मजबूर हैं।
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एक माह में हाथियों के हमले हुई मौतें
- 30 अप्रैल 2026 स्थान कुसुमहाई/पिपरिया, जिला अनूपपुर में जंगली हाथी के हमले में 23 वर्षीय जानकी कोल की मौत।
- 26 अप्रैल 2026 स्थान भोलगढ़ जिला अनूपपुर में हाथी के हमले में 50 वर्षीय प्रेमवती पाव की मौत पति और छह वर्षीय बच्चा घायल।
- 13 मई 2026 स्थान गिरवा गांव जिला शहडोल में हाथी के हमले में किसान छोटेलाल सिंह (50) की मौत
मुआवजे से जुड़ी शिकायतों पर जांच कराई जाएगी
ग्रामीणों की विस्थापन नीति और मुआवजे से जुड़ी शिकायतों की पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। नियमानुसार त्वरित राहत और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
शैलेश कुमार द्विवेदी, एसडीएम, कुसमी
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