PlayBreaking News

जेईई एडवांस्ड 2026:ग्वालियर के निकुंज अग्रवाल ने हासिल की ऑल इंडिया 11वीं रैंक

जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजों में इंदौर के छात्रों ने असाधारण प्रदर्शन किया है। रिद्धेश ने जोन टॉपर बनकर शहर का नाम रोशन किया वहीं कई अन्य छात्रों ने भी शानदार रैंक हासिल की।
Follow on Google News
ग्वालियर के निकुंज अग्रवाल ने हासिल की ऑल इंडिया 11वीं रैंक

जेईई एडवांस्ड 2026 के घोषित परिणामों में विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई टॉप रैंक हासिल की हैं। ग्वालियर के छात्र निकुंज अग्रवाल ने शानदार सफलता हासिल करते हुए देशभर में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 11 प्राप्त की है। वहीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) 18 प्राप्त करने वाले रिद्धेश अनंत बेंडाले आईआईटी कानपुर जोन के टॉपर बने हैं। 

निकुंज ने सोशल मीडिया से बनाई थी दूरी

निकुंज ने परीक्षा में 360 में से 315 अंक हासिल कर शहर ही नहीं पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। निकुंज की सफलता के पीछे अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मजबूत रणनीति रही।

/img/116/1780328679288

Nikunj Agrawal

उन्होंने बताया कि जेईई मेन्स की तैयारी शुरू करते ही सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी। यहां तक कि शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में जाना भी बंद कर दिया था ताकि पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा जा सके।

इंदौर से करीब 250 विद्यार्थी टॉप-10 हजार की रैंक में

इंदौर के अन्य प्रमुख सफल विद्यार्थियों में पार्थ माहेश्वरी (AIR-55), अन्वेष पटेल (AIR-68), अर्श जैन (AIR-131) और आरव सोनी (AIR-155) शामिल हैं। वहीं अनुष्का अग्रवाल ने कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में 859वीं रैंक हासिल कर आईआईटी कानपुर जोन और मध्यप्रदेश की टॉप रैंकिंग छात्रा बनने का गौरव प्राप्त किया है। जेईई विशेषज्ञ विजित जैन के अनुसार इस वर्ष आईआईटी रुड़की द्वारा आयोजित परीक्षा का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में अपेक्षाकृत आसान रहा जिसके चलते कटऑफ में भी बदलाव देखने को मिला। उन्होंने बताया कि इंदौर से करीब 250 विद्यार्थियों के टॉप-10 हजार रैंक में आने की संभावना है।

पार्थ का सपना: आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस

ऑल इंडिया रैंक-55 हासिल करने वाले पार्थ माहेश्वरी ने अपनी सफलता का श्रेय अनुशासन और लगातार मेहनत को दिया। पार्थ के अनुसार दो वर्षों तक पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी चुनौती थी। केमिस्ट्री विषय पर उन्होंने अंतिम महीनों में विशेष ध्यान दिया। दिलचस्प बात यह है कि पार्थ ने तैयारी के दौरान स्मार्टफोन का उपयोग नहीं किया और केवल कीपैड फोन रखा। खाली समय में वे परिवार के साथ समय बिताते और टहलकर तनाव कम करते थे। उन्होंने दो वर्षों में 50 से अधिक मॉक टेस्ट दिए और नियमित अभ्यास को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया।

अनुष्का बनीं मध्यप्रदेश की टॉप छात्रा

सीआरएल 859 हासिल करने वाली अनुष्का अग्रवाल ने बताया कि उनकी सफलता का आधार नियमितता और अनुशासित दिनचर्या रही।

Anushka Agrawal indore

Anushka Agrawal 

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने कभी मोटिवेशन पर निर्भर रहने के बजाय तय समय-सारिणी का पालन किया। अनुष्का के मुताबिक कुछ दिन अच्छे होते थे और कुछ चुनौतीपूर्ण लेकिन उन्होंने अपने अध्ययन की लय कभी नहीं टूटने दी। मॉक टेस्ट को लेकर भी उनका नजरिया सकारात्मक रहा। उनका मानना है कि कोई एक परीक्षा किसी छात्र की क्षमता तय नहीं करती बल्कि वह सुधार के अवसर दिखाती है।

ये भी पढ़ें: मुजफ्फरनगर: एनकाउंटर में घायल बदमाश की अजीब डिमांड, बोला- साहब… एक बीड़ी पिलवा दो

मेहनत और निरंतरता ने दिलाई सफलता

अनुष्का का कहना है कि सफलता का कोई जादुई फॉर्मूला नहीं होता। सभी छात्रों के पास समान पाठ्यक्रम और अवसर होते हैं, फर्क केवल मेहनत, अनुशासन और समर्पण से पड़ता है। उनका लक्ष्य कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में अध्ययन करना है।

ये भी पढ़ें: MP EV Ranking : EV नीति बनाने वाला मप्र पहला राज्य होने के बाद भी देश में रैंकिंग में 23वें नंबर पर

इंदौर के प्रमुख रैंकर्स

  • रिद्धेश अनंत बेंडाले - AIR 18
  • पार्थ माहेश्वरी - AIR 55
  • अन्वेष पटेल - AIR 68
  • अर्श जैन - AIR 131
  • आरव सोनी - AIR 155
  • अनुष्का अग्रवाल - CRL 859 (मध्यप्रदेश की टॉप छात्रा)
Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts