CG NEWS:रायपुर में फर्जी कमिश्नर बनकर 84 लाख की ठगी, नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर दर्जनों लोगों से वसूली

रायपुर न्यूज। रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने और ट्रांसफर कराने का झांसा देकर 84 लाख रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी खुद को भारत सरकार के गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का सहायक आयुक्त बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पहले से एक अन्य ठगी के मामले में जेल में बंद है।
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फर्जी पहचान से बनाया भरोसा
रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में दुर्ग जिले के अमलेश्वर निवासी जनार्दन यादव ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में घर खरीदने के दौरान उनकी मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई थी। आरोपी ने खुद को भारत सरकार के गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताया और फर्जी पहचान पत्र दिखाकर बड़े अधिकारियों व नेताओं से संबंध होने का दावा किया।
नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख लिए
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने उनकी बेटी आकृति यादव को एम्स में क्लर्क और बेटे अर्पित यादव को आईबी में एएसआई की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले दोनों से छह-छह लाख रुपये लेकर कुल 12 लाख रुपये वसूल लिए। रकम नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से ली गई।
एटीएम कार्ड भी अपने कब्जे में रखे
एफआईआर के अनुसार आरोपी ने परिवार का विश्वास जीतने के बाद शिकायतकर्ता की बेटियों के एटीएम कार्ड भी अपने पास रख लिए। नौकरी लगने का भरोसा देकर वह लगातार परिवार को टालता रहा और खातों का भी दुरुपयोग किया।
कई लोगों को बनाया शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कई अन्य लोगों से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए। इनमें रघुनाथ यादव, शैलेश यादव, छाया शर्मा, महेंद्र पाल कौशिक, नेशपाल कौशिक और दिव्यांशु गुप्ता सहित कई लोग शामिल हैं। सभी को एम्स, आईबी, नारकोटिक्स विभाग, पुलिस उपनिरीक्षक, आरक्षक और क्लर्क जैसी सरकारी नौकरियों का झांसा दिया गया। आरोप है कि कुल 84 लाख रुपये की ठगी की गई।
खबर पढ़कर हुआ शक
शिकायतकर्ता ने बताया कि लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने पर भी वह आरोपी की बातों में विश्वास करता रहा। हाल ही में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर ठगी करने की खबर पढ़ने के बाद उसे शक हुआ और उसने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, फर्जी पहचान का उपयोग और छलपूर्वक रकम हड़पने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। बैंक खातों, लेन-देन, फर्जी पहचान पत्र और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।












