MP में थमी मानसून की रफ्तार!पांच दिन से बारिश गायब, सामान्य से 3% पीछे पहुंचा आंकड़ा

मध्य प्रदेश। प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून अब धीमा पड़ गया है। जुलाई में पहली बार मध्य प्रदेश की बारिश सामान्य आंकड़े से नीचे पहुंच गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अब तक प्रदेश में 241.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 250.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। पिछले पांच दिनों से भारी बारिश का कोई बड़ा दौर नहीं आया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में बादल तो छा रहे हैं लेकिन तेज बारिश का इंतजार बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कुछ नए सिस्टम बनने पर फिर से बारिश बढ़ सकती है।
पांच दिन से थमा तेज बारिश का सिलसिला
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अचानक कम हो गई है। पहले जहां कई जिलों में लगातार बारिश हो रही थी, वहीं अब ज्यादातर इलाकों में मौसम शांत बना हुआ है। आसमान में बादल नजर आ रहे हैं लेकिन बारिश केवल बूंदाबांदी और हल्की फुहारों तक सीमित रह गई है। बारिश की कमी का असर प्रदेश के आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। जुलाई में पहली बार राज्य सामान्य बारिश से पीछे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 9.5 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 3 प्रतिशत कम है।
पूर्वी हिस्से में ज्यादा कमजोर रहा मानसून
बारिश की कमी सबसे ज्यादा प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल रही है। जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग में सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश की कमी करीब 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रदेश के आधे से ज्यादा जिले फिलहाल सामान्य से कम बारिश वाले क्षेत्र में शामिल हैं।
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आज इन जिलों में हो सकती है हल्की बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक और हवा के साथ हल्की बारिश की संभावना है। सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में मौसम बदल सकता है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम समेत कई इलाकों में तेज धूप निकलने का अनुमान है। यहां फिलहाल तेज बारिश की संभावना कम बताई गई है।
मानसून सिस्टम कमजोर होने से बढ़ी परेशानी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में बारिश बढ़ाने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर हो गई हैं। यही वजह है कि बादल तो बन रहे हैं लेकिन उनमें इतनी ताकत नहीं है कि भारी बारिश करा सकें। उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। अगर यह सिस्टम कम दबाव के क्षेत्र में बदलता है तो मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
किसानों को फिर बारिश का इंतजार
मानसून की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से किसानों को काफी राहत मिली थी। खेतों में पानी पहुंचने से धान और दूसरी खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिली थी। अब बारिश की रफ्तार कम होने से किसान दोबारा अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में नए सिस्टम सक्रिय हुए तो प्रदेश में बारिश की स्थिति बेहतर हो सकती है।
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अगले दो दिन उमस भरी गर्मी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है। बारिश नहीं होने से तापमान और उमस बढ़ने की संभावना है। 16 जुलाई के आसपास कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने के संकेत मिले हैं। फिलहाल लोगों को मानसून की तेज बारिश के लिए नए मौसम सिस्टम का इंतजार करना होगा।











