PV सिंधु ने रचा इतिहास:पहली बार जीता जापान ओपन सुपर-750 खिताब, फाइनल में अकाने यामागुची को दी मात

भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी ताकत साबित कर दी है। उन्होंने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में सिंधु ने मेजबान जापान की दिग्गज खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे दो सेटों में 21-17, 21-17 से हराया। यह मुकाबला करीब 50 मिनट तक चला। इस जीत के साथ पीवी सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने लगभग दो साल बाद किसी बड़े बीडब्ल्यूएफ (BWF) वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट का फाइनल जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की है।
शानदार खेल से जीता फाइनल
31 वर्षीय पीवी सिंधु पूरे मैच में आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और अकाने यामागुची को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन सिंधु ने सही समय पर लगातार अंक लेकर 21-17 से गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भी यामागुची ने संघर्ष किया, लेकिन सिंधु ने अपनी लंबाई, तेज स्मैश और बेहतरीन कोर्ट कवरेज का फायदा उठाते हुए दूसरा गेम भी 21-17 से अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने सीधे सेटों में मुकाबला जीतकर खिताब पर कब्जा कर लिया।
दो साल बाद जीता बड़ा फाइनल
पीवी सिंधु ने आखिरी बार 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर-500 का खिताब जीता था। इसके बाद वह कई बड़े टूर्नामेंट में उतरीं, लेकिन ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो सकीं। हालांकि उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और आखिरकार जापान ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए फिर से चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह जीत उनके करियर के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
भारत की पहली महिला बनीं जिसने जीता जापान ओपन
पीवी सिंधु ने इस जीत के साथ एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। वह जापान ओपन सुपर-750 का खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। सिंधु पहले भी विश्व चैंपियनशिप, ओलंपिक और कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। अब उन्होंने जापान ओपन की ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली है।
सेमीफाइनल में मिला चोट का फायदा
सिंधु ने सेमीफाइनल में चीन की मजबूत खिलाड़ी चेन यू फेई का सामना किया। मुकाबला काफी रोमांचक चल रहा था और सिंधु शानदार लय में थीं। पहला गेम सिंधु ने 21-19 से जीत लिया था। दूसरे गेम में भी वह 15-10 से आगे चल रही थीं। इसी दौरान चेन यू फेई को हैम्स्ट्रिंग में चोट लग गई, जिसके कारण उन्हें मैच बीच में ही छोड़ना पड़ा। चेन के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद पीवी सिंधु सीधे फाइनल में पहुंच गईं।
क्वार्टर फाइनल में मिला वॉकओवर
क्वार्टर फाइनल में सिंधु का मुकाबला जापान की पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से होना था, लेकिन मैच शुरू होने से पहले ही ओकुहारा चोट के कारण हट गईं। इसके चलते सिंधु को बिना खेले ही वॉकओवर मिल गया और वह सेमीफाइनल में पहुंच गईं।
दूसरे दौर में दिखाया दमदार प्रदर्शन
जापान ओपन के दूसरे दौर में सिंधु ने चीन की हान यू को सिर्फ 35 मिनट में हराकर अपनी शानदार फॉर्म का संकेत दे दिया था। उन्होंने यह मुकाबला 21-16 और 21-14 से जीता। इस आसान जीत के बाद उनका आत्मविश्वास और मजबूत हो गया, जिसका असर पूरे टूर्नामेंट में देखने को मिला।
लंबे समय बाद फिर दिखी पुरानी सिंधु
पिछले कुछ वर्षों में पीवी सिंधु चोट और खराब फॉर्म से जूझती रही थीं। कई बड़े टूर्नामेंट में उन्हें शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपनी फिटनेस व खेल पर मेहनत करती रहीं। जापान ओपन में उन्होंने वही पुराना आक्रामक अंदाज दिखाया, जिसके लिए उन्हें दुनिया की सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में गिना जाता है।
भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि
पीवी सिंधु की यह जीत सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। भारत के लिए सिंधु पहले ही दो ओलंपिक पदक, विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक और कई सुपर सीरीज खिताब जीत चुकी हैं। अब जापान ओपन सुपर-750 का खिताब जीतकर उन्होंने अपने शानदार करियर में एक और उपलब्धि जोड़ ली है।











