PlayBreaking News

पचपदरा रिफाइनरी :20 अप्रैल को लग गई थी आग, अब 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल का भीषण आग लग गई थी, इस वजह से उसका उद्घाटन कार्यक्रम टाल दिया गया था। अब रिफाइनरी में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्अ का 4 जुलाई को उद्घाटन करेंगे।
Follow on Google News
20 अप्रैल को लग गई थी आग, अब 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

जयपुर। राजस्थान के लिए 4 जुलाई का दिन बेहद खास होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन पहले 21 अप्रैल 2026 को होना था, लेकिन उद्घाटन से एक दिन पहले 20 अप्रैल को रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में आग लगने के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। अब 74 दिनों बाद इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करने की नई तारीख तय की गई है।

तैयारियों में जुटा प्रशासन, छुट्टियां रद्द 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा नई तारीख की घोषणा के बाद पूरे बालोतरा जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर उन्हें मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।

ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कहना है कि पचपदरा रिफाइनरी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और पश्चिमी राजस्थान को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

ये भी पढ़ें: Cyber Fraud पर मोदी सरकार का बड़ा एक्शन! देशभर में लागू होगी E-Zero FIR, ऑनलाइन ठगी पर तुरंत होगी कार्रवाई

HPCL की हिस्सेदारी 74% 

इस परियोजना में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की है, जबकि राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत भागीदारी है। सरकार का दावा है कि परियोजना के पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिनका सबसे अधिक लाभ बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर के युवाओं को मिलेगा।

Featured News

पेट्रोल-डीजल ही नहीं, पेट्रोकेमिकल उत्पादन भी होगा 

पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसकी आधुनिक पेट्रोकेमिकल यूनिट है। आमतौर पर अधिकांश रिफाइनरियां पेट्रोल और डीजल उत्पादन तक सीमित रहती हैं, लेकिन यहां बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन क्षमता के मामले में यह परियोजना गुजरात के हजीरा और दहेज जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों को भी चुनौती दे सकती है। फिलहाल रिफाइनरी की आधे से अधिक यूनिट्स संचालन में आ चुकी हैं और कई पेट्रोलियम व पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन शुरू हो चुका है।

हर साल 90 लाख टन कच्चे तेल की होगी प्रोसेसिंग 

रिफाइनरी की वार्षिक क्षमता 90 लाख टन कच्चे तेल के प्रसंस्करण की है। दैनिक आधार पर यह लगभग 1.8 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकेगी। यहां उत्पादित बीएस-6 ग्रेड पेट्रोल और डीजल देश में स्वच्छ ईंधन की बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

दुनिया की आधुनिकतम रिफाइनरियों में शामिल 

पचपदरा रिफाइनरी को दुनिया की अत्याधुनिक रिफाइनरियों में गिना जा रहा है। इसकी तकनीक ऐसी है कि यह हल्के और भारी दोनों प्रकार के कच्चे तेल को कुशलतापूर्वक प्रोसेस कर सकती है। इसके अलावा, 26 प्रतिशत से अधिक पेट्रोकेमिकल यील्ड इसे वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक दक्ष और आधुनिक रिफाइनिंग परियोजनाओं की श्रेणी में खड़ा करती है।

रेलवे कनेक्टिविटी से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर 

रिफाइनरी के विकास के साथ क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी मजबूत होने जा रही है। रेलवे ने बालोतरा और पचपदरा के बीच 11 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी दे दी है। इसके लिए 33 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। नई रेल लाइन बनने के बाद रिफाइनरी तक पहुंच आसान होगी और क्षेत्र का संपर्क जोधपुर, जयपुर और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों से और बेहतर हो जाएगा।

Breaking News

35 साल बाद फिर लौटेगी रेल कनेक्टिविटी 

दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 1939 से 1990 तक इस मार्ग पर नमक परिवहन और यात्रियों के लिए रेल सेवा संचालित होती थी। हालांकि भीषण बाढ़ के कारण रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया और सेवा बंद करनी पड़ी। अब नई रेल लाइन की योजना के साथ इस क्षेत्र में फिर से बेहतर रेल संपर्क की उम्मीद जगी है।

पश्चिमी राजस्थान के विकास का नया अध्याय 

पचपदरा रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक और सामाजिक बदलाव की आधारशिला मानी जा रही है। रोजगार, निवेश, उद्योग, ऊर्जा और परिवहन जैसे कई क्षेत्रों में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का आगामी दौरा इसी बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


ये भी पढ़ें: Pune Ketan Agarwal Murder Case : सिया-चेतन ने तय किया था एक इशारा, जैसे ही वह....तब देना है धक्का

राजस्थान को मिलेंगी चार बड़ी सौगातें 

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि वे राजस्थान को चार बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।

  •  पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण।
  • राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते से जुड़े एमओयू का ऐलान।
  • 45 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण।
  • जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास।
Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts