
नई दिल्ली। राज्यसभा ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 6 महीने और बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह विस्तार 13 अगस्त से प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सदन में यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे बहुमत से पारित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि मणिपुर में संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत जारी उद्घोषणा को छह माह तक और जारी रखा जाए।
मणिपुर में जातीय तनाव और हिंसा की शुरुआत मई 2023 में हुई थी, जब हाई कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ जनजातीय एकजुटता मार्च निकाला गया। इसके बाद से राज्य में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई और हजारों को विस्थापित होना पड़ा।
लगातार बिगड़ती स्थिति और प्रशासनिक विफलता के चलते 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया। सरकार ने इसे राज्य में शांति बहाल करने और संवैधानिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जरूरी कदम बताया था।