भारत का नया अंतरिक्ष हीरो :ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र, गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

गणतंत्र दिवस 2026 पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। लखनऊ से अंतरिक्ष तक की उनकी प्रेरक यात्रा ने भारत का नाम रोशन किया। ISRO के गगनयान मिशन और अंतरिक्ष प्रशिक्षण के बाद, शुभांशु भारत के पहले अशोक चक्र विजेता अंतरिक्ष यात्री बन गए। उनकी कहानी हिम्मत और प्रेरणा की मिसाल है।
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ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र, गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान अंतरिक्ष यात्री बनने की उनकी बहादुरी और अदम्य हिम्मत के लिए दिया। शुभांशु भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए, जिन्हें शांति काल का वीरता पुरस्कार और अशोक चक्र दोनों मिले।

    शुभांशु शुक्ला की यात्रा दिखाती है कि हिम्मत केवल युद्ध के मैदान के लिए नहीं, बल्कि अंतरिक्ष की ऊंचाइयों के लिए भी जरूरी है। लखनऊ के एक आम युवा से लेकर अंतरिक्ष मिशन तक की उनकी कहानी भारत के अंतरिक्ष सपनों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    राकेश शर्मा के बाद की विरासत

    राकेश शर्मा की उड़ान के 41 साल बाद, शुभांशु की सफलता ने नई उम्मीदें और प्रेरणा पैदा की है। यह सम्मान न केवल उनकी स्किल की पहचान करता है, बल्कि अंतरिक्ष में इंसानी सीमाओं को आगे बढ़ाने की हिम्मत को भी सराहता है।

    लखनऊ से अंतरिक्ष तक का सफर

    लखनऊ में जन्मे शुभांशु शुक्ला ने 17 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने कारगिल युद्ध और IAF एयरशो से प्रेरित होकर, एक दोस्त के फॉर्म का इस्तेमाल करके नेशनल डिफेंस एकेडमी के लिए अप्लाई किया।

    भारतीय वायुसेना में करियर

    साल 2006 में शुभांशु शुक्ला IAF में फाइटर पायलट बने। उन्होंने Su-30MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar और Hawk जैसे जेट पर 2,000 घंटे से अधिक उड़ान भरी। इसके बाद वे टेस्ट पायलट और कॉम्बैट लीडर बने। उन्होंने IISc बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी हासिल की।

    अंतरिक्ष कार्यक्रम और ट्रेनिंग

    साल 2019 में उन्हें ISRO ने गगनयान मिशन के लिए चुना। इसके बाद उन्होंने रूस के यूरी गगारिन सेंटर में ट्रेनिंग ली और NASA और ISRO के सेशंस में भी हिस्सा लिया। उन्हें इस प्रोग्राम के चार फाइनल उम्मीदवारों में से एक चुना गया।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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