आज देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तिरंगा फहराकर परेड की सलामी दी। लेकिन हर साल की तरह इस बार भी सिर्फ झांकियां और परेड ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेशभूषा भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
बीते एक दशक से पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस लुक सिर्फ पहनावा नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, विरासत और विविधता का कम्युनिकेशन बन चुका है। ग्लोबल लीडरशिप जहां सूट-टाई में दिखती है, वहीं PM मोदी साफा, पगड़ी और पारंपरिक परिधान के जरिए भारत की जड़ों को दुनिया के सामने रखते हैं।
इन दिनों सोशल मीडिया पर 2026 is the new 2016 ट्रेंड खूब वायरल है, जहां लोग 2016 और 2026 की तुलना कर रहे हैं। इसी कड़ी में पीएम मोदी के पिछले 12 वर्षों के गणतंत्र दिवस लुक्स भी चर्चा में हैं। हर साल उनका अंदाज अलग रहा।
प्रधानमंत्री बनने के बाद 2015 के गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने धारीदार बहुरंगी साफा बांधा था, जिसमें लाल और गहरे हरे रंग की झलक थी। इसके साथ काले रंग का सूट था। इसी समारोह में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा भी मौजूद थे, जिससे यह लुक ग्लोबल स्टेज पर खास बन गया।

2016 में पीएम मोदी ने चमकदार पीले रंग की पगड़ी पहनी, जिस पर लाल धारियां थीं। क्रीम रंग के बंदगला सूट के साथ यह लुक बेहद संतुलित दिखा।
2017 में गुलाबी साफा और सिल्वर क्रॉस लाइनों ने पारंपरिक अंदाज को नया ट्विस्ट दिया।
2018 में बहुरंगी साफा, क्रीम कुर्ता और काली जैकेट यह लुक भारत की सांस्कृतिक विविधता का सीधा संदेश था।2019 में पीले साफे में लाल रंग की झलक दिखी।
2020 में पीएम मोदी ने केसरिया रंग का बंधेज साफा पहना और शहीदों को श्रद्धांजलि दी- यह लुक त्याग और सम्मान का प्रतीक बना। 2021 में लाल रंग की ‘हलारी पगड़ी’ चर्चा में रही, जो गुजरात की शाही परंपरा से जुड़ी थी।


2022 में पीएम मोदी पगड़ी की जगह उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी में नजर आए।
2023 में बहुरंगी राजस्थानी पगड़ी, सफेद कुर्ता और काला कोट एक क्लासिक लेकिन पावरफुल लुक था।
2025 के गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने सफेद कुर्ता-पायजामा, भूरे रंग की बंदगला जैकेट और केसरिया टच वाली पगड़ी पहनी। केसरिया रंग को साहस, त्याग और आस्था का प्रतीक माना जाता है, जिसने इस लुक को भावनात्मक गहराई दी।
2026 में पीएम मोदी ने नेवी ब्लू कुर्ते के साथ हल्के स्काई ब्लू रंग की बिना बाजू वाली नेहरू जैकेट पहनी। सिर पर बहुरंगी बंधेज साफा था, जिसमें राजस्थानी और गुजराती शैली का मेल दिखा। यह लुक बताता है कि परंपरा को थामे रखते हुए भी आधुनिकता के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।
