ट्रंप और मोदी के बीच हुई यह बातचीत मौजूदा वैश्विक संकट के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बहाली को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकता स्पष्ट है। आने वाले समय में यह संवाद वैश्विक स्थिरता के लिए अहम भूमिका निभा सकता है।
इस बातचीत का मुख्य केंद्र होर्मुज स्ट्रेट रहा, जो दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बड़ा मार्ग है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्लोबली लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। हालिया घटनाओं के चलते ये मार्ग बाधित हो गया है, जिससे इंटरनेशनल मार्केट में अस्थिरता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि- इस अहम समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह की रुकावट नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें डोनाल्ड ट्रम्प का फोन आया था। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच पश्चिम एशिया के हालात पर खुलकर बात हुई। भारत चाहता है कि इलाके में तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो। साथ ही उन्होंने ये भी जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला, सुरक्षित और सबके लिए चालू रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
भारत ने इस पूरे मामले में संतुलित और व्यावहारिक रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ईरान के नेतृत्व से संवाद स्थापित कर भारतीय नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं।
बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत शांति, स्थिरता और संवाद के पक्ष में है। साथ ही दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि हालात को सामान्य करने के लिए लगातार संपर्क बनाए रखा जाएगा।