वॉशिंगटन डीसी। दुनिया की बड़ी हस्तियों के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। पोप लियो ने साफ कहा है कि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप से कोई डर नहीं है और वे युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान किसी एक नेता को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया में बढ़ती आक्रामक सोच के खिलाफ हैं, जो संघर्ष और युद्ध को बढ़ावा दे रही है।
सोमवार को पोप लियो ने ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए कहा, “मुझे ट्रंप प्रशासन से कोई डर नहीं है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि वेटिकन की ओर से की जाने वाली शांति की अपील किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह ईसाई धर्म की मूल शिक्षाओं से जुड़ी है। पोप ने कहा कि उनके संदेश को राजनीतिक बयानबाजी से जोड़ना गलत है और वे अपने मिशन—दुनिया में शांति और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देने—पर लगातार काम करते रहेंगे।
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पोप लियो ने अपने बयान में कहा कि आज दुनिया में सर्वशक्तिमान होने का भ्रम तेजी से बढ़ रहा है, जो देशों और नेताओं को युद्ध की ओर धकेल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी एक व्यक्ति या सरकार की आलोचना करना नहीं है, बल्कि उस सोच को चुनौती देना है, जो ताकत और प्रभुत्व को सबसे ऊपर रखती है। पोप के मुताबिक, चर्च का काम टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि शांति, संवाद और मेल-मिलाप को बढ़ावा देना है।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने पोप के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपराध के मामलों में कमजोर और विदेश नीति के लिए खराब” बताया। ट्रंप ने आरोप लगाया कि पोप अमेरिका की नीतियों, खासकर ईरान के खिलाफ सख्त रुख का विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसे धार्मिक नेता पसंद नहीं हैं, जो उनके मुताबिक वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर पर्याप्त कठोरता नहीं दिखाते।
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ट्रंप ने पोप लियो को बहुत लिबरल करार देते हुए सलाह दी कि उन्हें राजनीति से दूरी बनाकर धार्मिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, इस तरह के बयान चर्च की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं और अनावश्यक विवाद पैदा कर सकते हैं।
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इससे पहले भी पोप लियो दुनिया के नेताओं से युद्ध समाप्त करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा था, अब ताकत और पैसे की पूजा बंद करो, अब युद्ध बंद करो। पोप ने सभी देशों से बातचीत और समझौते का रास्ता अपनाने की अपील की और चेतावनी दी कि धर्म का इस्तेमाल हिंसा को सही ठहराने के लिए नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, असली शक्ति जीवन की रक्षा करने में है, न कि विनाश में।