पेट्रोल-डीजल संकट के बीच बड़ा बदलाव:PM मोदी का काफिला हुआ छोटा, 50% तक घटाई गई गाड़ियों की संख्या, SPG ने लागू किया आदेश

नई दिल्ली। PM मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद सरकारी खर्च घटाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम करने का आदेश दिया है। इस निर्देश के तहत विशेष सुरक्षा समूह (SPG) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए PM मोदी के काफिले को छोटा कर दिया है, हालांकि सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
कच्चे तेल की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। इसी बीच PM मोदी ने देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए कम खर्च करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया है।
PM मोदी के काफिले में बड़ा बदलाव
सरकारी स्तर पर कम खर्च करने की दिशा में एक बड़ा कदम देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार, PM मोदी ने अपने काफिले (कारकेड) में शामिल वाहनों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है। PM मोदी ने सुरक्षा एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया है कि उनके काफिले में जितना संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए। खास बात यह है कि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीद पर जोर नहीं दिया गया है, बल्कि मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर फोकस है। सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहती है।
SPG ने लागू किए निर्देश: सुरक्षा के साथ संतुलन
PM मोदी की सुरक्षा में तैनात विशेष सुरक्षा समूह (SPG) ने इन निर्देशों को लागू करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद में दिए गए संबोधन के बाद गुजरात और असम में PM मोदी के काफिले में वाहनों की संख्या पहले ही कम की जा चुकी है।हालांकि, सुरक्षा मानकों को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। ब्लू बुक में तय सभी अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह लागू रहेंगे।
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सरकारी विभागों में भी खर्च कटौती की तैयारी
सिर्फ प्रधानमंत्री कार्यालय ही नहीं, बल्कि अन्य मंत्रालयों और विभागों में भी खर्च घटाने की दिशा में तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले समय में कई नए कदम देखने को मिल सकते हैं, जैसे कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन, खासकर मेट्रो, के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना। कार पूलिंग को बढ़ावा देना, बड़े और महंगे सरकारी आयोजनों को सीमित करना और डिजिटल और वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता देना।
ऊर्जा और कृषि में सोलर पावर का विस्तार
कृषि क्षेत्र में भी बदलाव की दिशा दिखाई दी है। PM मोदी ने सिंचाई के लिए डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा आधारित पंपों को अपनाने की बात कही है। यह न केवल ईंधन पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि किसानों की लागत भी घटाएगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा।
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जरूरत से ज्यादा खर्च नहीं, समझदारी से जीवन
हाल ही में अपने संबोधन में PM मोदी ने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक खर्चों से बचें। उन्होंने खासतौर पर कहा कि आने वाले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से दूरी बनाना देश की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा। इसके पीछे तर्क यह है कि इससे विदेशी मुद्रा का अनावश्यक खर्च कम होगा और देश की आर्थिक स्थिरता मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन का समझदारी से उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिले और देश पर आयात का बोझ कम हो।
कोविड-19 के अनुभव से सीख
PM मोदी ने अपने संबोधन में कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए तरीकों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल मीटिंग्स जैसे उपाय सिर्फ संकट के समय ही नहीं, बल्कि सामान्य परिस्थितियों में भी उपयोगी हैं।











