NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला:सीहोर तक पहुंची CBI जांच, छात्र शुभम खैरनार गिरफ्तार, कई नाम आने बाकी

सीहोर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बड़े विवाद में फंस गई है। परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं, जिससे पूरे देश में हलचल मच गई है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। इस पूरे केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस मामले की कड़ी मध्य प्रदेश के सीहोर जिले तक भी जुड़ गई है, जिससे शिक्षा जगत में चिंता और बढ़ गई है।
नाशिक से आरोपी छात्र की गिरफ्तारी
राजस्थान पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के नाशिक से एक छात्र शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शुभम पर परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और एक कथित नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। पुलिस लगातार उससे सवाल-जवाब कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या सिर्फ एक छोटी कड़ी।
पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज
जांच एजेंसियों का मानना है कि शुभम से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि उसने किससे संपर्क किया और किस तरह की जानकारी साझा की।
सीहोर की यूनिवर्सिटी से जुड़ा नाम
इस मामले में तब बड़ा मोड़ आया जब जांच के दौरान यह सामने आया कि शुभम खैरनार का संबंध मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से भी रहा है। बताया गया है कि उसने वर्ष 2021 में सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी में बीएएमएस (आयुर्वेद चिकित्सा) कोर्स में प्रवेश लिया था।
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यूनिवर्सिटी प्रशासन की सफाई
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत पल्ला झाड़ा और सफाई दी है। कुलगुरु मुकेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि छात्र ने केवल प्रवेश लिया था, लेकिन उसके बाद वह कभी कॉलेज नहीं आया।
प्रशासन ने बताया कि शुभम किसी भी क्लास में शामिल नहीं हुआ, उसकी कोई परीक्षा उपस्थिति दर्ज नहीं है और वह किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में शामिल नहीं रहा। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है और इस मामले से उसका कोई सीधा संबंध नहीं है।
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लाखों छात्रों के भविष्य पर असर
इस परीक्षा में पूरे देश से करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। सभी छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर महीनों तक मेहनत कर रहे थे। लेकिन जैसे ही पेपर लीक की खबर सामने आई, छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश फैल गया। कई जगहों पर विरोध भी देखने को मिला। छात्रों का कहना है कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, तो यह उनके भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है।
परीक्षा रद्द होने से बढ़ी चिंता
मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। पेपर लीक की खबर के बाद कई जगह परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि पूरी परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शी जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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मामला पहुंचा CBI के पास
बढ़ते विवाद और गंभीर आरोपों को देखते हुए जांच CBI अब को सौंप दी गई है। अब केंद्रीय एजेंसी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।CBI यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक कैसे हुआ, इसमें कौन-कौन शामिल है, क्या यह एक संगठित गिरोह है और कितने राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला है।
बड़े नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। शुभम खैरनार की गिरफ्तारी को सिर्फ शुरुआत माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। कई राज्यों में फैले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।











